दुर्गापुर : दुर्गापुर में खाद्य पदार्थों की बिक्री और उपभोक्ता जागरूकता को लेकर रविवार को एक हिंदूवादी संगठन ‘धर्मचक्र’ की ओर से अभियान चलाया गया। संगठन ने मांस एवं अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाली दुकानों पर स्पष्ट रूप से यह उल्लेख करने की मांग की कि संबंधित उत्पाद हलाल है या झटका।
इस मांग को लेकर संगठन के सदस्यों ने भिरिंगी से लेकर बेनाचिति बाजार तक विभिन्न मांस और खाद्य पदार्थों की दुकानों का दौरा किया। इस दौरान दुकानदारों से अपील की गई कि वे अपनी दुकानों पर ग्राहकों की जानकारी के लिए स्पष्ट बोर्ड लगाएं, ताकि खरीदारी करने वाले लोग अपनी पसंद और मान्यताओं के अनुसार निर्णय ले सकें।
संगठन के अध्यक्ष दीप दास ने बताया कि कुछ समय पहले संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से इस मुद्दे को उठाया गया था। रविवार को उसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए बाजार क्षेत्रों में जाकर दुकानदारों और आम लोगों से बातचीत की गई।
उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य किसी व्यापारी या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराना है। उनके अनुसार, कई लोगों ने शिकायत की थी कि बाजार से खरीदे जाने वाले मांस के संबंध में उन्हें यह जानकारी नहीं मिल पाती कि वह किस प्रकार तैयार किया गया है।
संगठन के सदस्यों ने दुकानदारों से कहा कि यदि उत्पाद की श्रेणी स्पष्ट रूप से लिखी होगी तो ग्राहकों के बीच किसी प्रकार का भ्रम नहीं रहेगा। उनका कहना है कि पारदर्शिता बढ़ाने के लिए इस प्रकार की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना आवश्यक है।
अभियान के दौरान संगठन के प्रतिनिधियों ने कई दुकानदारों से बातचीत की और इस विषय पर अपनी मांग रखी। संगठन का दावा है कि बाजार में कई ग्राहक इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि वे जिस मांस की खरीदारी कर रहे हैं, वह हलाल पद्धति से तैयार किया गया है या झटका पद्धति से।
धर्मचक्र संगठन ने प्रशासन से भी मांग की है कि खाद्य बिक्री से जुड़े नियमों के तहत उपभोक्ताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संगठन का कहना है कि स्पष्ट जानकारी मिलने से ग्राहक अपनी इच्छा और विश्वास के अनुरूप वस्तुओं का चयन कर सकेंगे।
वहीं, इस अभियान को लेकर बाजार क्षेत्र में चर्चा भी शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खाद्य सामग्री से जुड़ी जानकारी में पारदर्शिता होना आवश्यक है, जिससे उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
संगठन की ओर से बताया गया कि आने वाले दिनों में भी इस विषय को लेकर जागरूकता अभियान जारी रखा जाएगा। इसके माध्यम से दुकानदारों और ग्राहकों के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल दुर्गापुर में खाद्य दुकानों पर पहचान संबंधी बोर्ड लगाने की मांग को लेकर यह अभियान चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया पर टिकी है।

















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