रथयात्रा आयोजन को मिली नई गति, चार पूजा समितियों को पांच-पांच लाख रुपये का अनुदान

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आसनसोल :  रथयात्रा महोत्सव को भव्य, सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पश्चिम बर्धमान जिले की चार प्रमुख रथयात्रा आयोजन समितियों को पांच-पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। सोमवार को नवान्न सभागार से आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से इस अनुदान की घोषणा की गई। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में संबंधित समितियों के प्रतिनिधियों को औपचारिक रूप से सहायता राशि के स्वीकृति पत्र सौंपे गए।

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जिला प्रशासन के अनुसार यह आर्थिक सहायता राज्य सरकार की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनके सफल संचालन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रथयात्रा जैसे पारंपरिक आयोजनों का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत व्यापक है तथा इनसे स्थानीय स्तर पर सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूती मिलती है।

जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में दुर्गापुर पूर्व के विधायक चंद्रशेखर बंद्योपाध्याय, जिलाधिकारी एस. पन्नाबलम, आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणब कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने पूजा समितियों के प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस सहयोग से आयोजन और अधिक सुव्यवस्थित तथा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।

अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता रथयात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता तथा आपातकालीन सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना है। इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के इस सहयोग का स्वागत करते हुए कहा कि प्राप्त अनुदान का उपयोग सजावट, प्रकाश व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सुरक्षा प्रबंध, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने में किया जाएगा। उनका कहना था कि इससे आयोजन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का प्रतीक है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इसमें भाग लेते हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रथयात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात को सुचारु रखने तथा सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

अनुदान मिलने के बाद आयोजन समितियों में उत्साह का माहौल है। उनका विश्वास है कि प्रशासन और राज्य सरकार के सहयोग से इस वर्ष रथयात्रा महोत्सव श्रद्धा, परंपरा और सुव्यवस्थित प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान प्रदान करेगा।

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