दुर्गापुर : पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में मंगलवार को राजनीतिक माहौल उस समय गर्म हो गया, जब राज्यसभा सांसद और तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता डोला सेन के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। दुर्गापुर हाउस के बाहर हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर अपना आक्रोश जताया। घटना के बाद कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

जानकारी के अनुसार, डोला सेन केंद्रीय इस्पात मंत्री से मुलाकात के लिए दुर्गापुर हाउस पहुंची थीं। बैठक समाप्त होने के बाद जैसे ही वह बाहर निकलीं, वहां पहले से मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में काले झंडे लेकर नारेबाजी की और सांसद के वाहन के सामने विरोध जताने का प्रयास किया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया तथा यातायात व्यवस्था को सामान्य कराया। पुलिस की सक्रियता के कारण मामला किसी बड़े विवाद में तब्दील नहीं हुआ, हालांकि कुछ समय के लिए दुर्गापुर हाउस के आसपास तनाव का माहौल बना रहा।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनका विरोध तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कुछ नेताओं और श्रमिक संगठनों में कथित अनियमितताओं के खिलाफ है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में जवाबदेही जरूरी है, इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने डोला सेन के खिलाफ भी नारे लगाए।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मामले पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर इसे राज्य की सियासत में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और राजनीतिक टकराव के रूप में देखा जा रहा है।

डोला सेन तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और लंबे समय से पार्टी की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। विशेष रूप से श्रमिक संगठनों और सामाजिक मुद्दों को लेकर उनकी सक्रियता चर्चा में रही है। वह पार्टी नेतृत्व के करीबी नेताओं में भी मानी जाती हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच संघर्ष और तेज हो सकता है। सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक यात्राओं के दौरान विरोध-प्रदर्शन की घटनाएं बढ़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
दुर्गापुर की यह घटना एक बार फिर राज्य में जारी राजनीतिक खींचतान को सामने लाती है। जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने विरोध के जरिए सरकार और तृणमूल नेतृत्व पर निशाना साधा, वहीं प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाए।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन की प्राथमिकता क्षेत्र में शांति बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना है। आने वाले दिनों में इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।















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