आसनसोल/नियामतपुर : दृढ़ संकल्प, निरंतर परिश्रम और अटूट आत्मविश्वास किसी भी कठिन लक्ष्य को प्राप्त करने की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। इस तथ्य को चरितार्थ करते हुए पश्चिम बर्धमान जिले के नियामतपुर की रहने वाली रेणुका बंसल ने विश्व की सबसे कठिन पेशेवर परीक्षाओं में शामिल एक्चुअरी फेलोशिप परीक्षा उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे आसनसोल का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।

रेणुका बंसल ने वर्ष 2016 में कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से वाणिज्य स्नातक (बी.कॉम) की पढ़ाई के दौरान ही एक्चुअरी बनने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था। उन्होंने नियमित अध्ययन के साथ-साथ इस कठिन परीक्षा की तैयारी प्रारंभ की। शिक्षा पूर्ण होने के बाद उन्होंने पेशेवर जीवन की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भी अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। नौकरी और कठिन परीक्षा की तैयारी के बीच संतुलन बनाना उनके लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा, फिर भी उन्होंने निरंतर प्रयास जारी रखा।
सफलता का मार्ग उनके लिए सरल नहीं था। तैयारी के दौरान कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने प्रत्येक असफलता को सीख और अनुभव के रूप में स्वीकार किया। विशेष रूप से अंतिम फेलोशिप परीक्षा उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हुई। इस चरण को सफलतापूर्वक पार करने के लिए उन्हें दो वर्षों तक लगातार प्रयास करना पड़ा और चार बार परीक्षा देनी पड़ी। अंततः वर्ष 2026 में उन्होंने सफलता प्राप्त कर अपने वर्षों पुराने स्वप्न को साकार कर लिया।
अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय रेणुका ने अपनी माता और परिवार के सदस्यों को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में परिवार ने उनका मनोबल कभी टूटने नहीं दिया। निरंतर प्रोत्साहन, विश्वास और सहयोग ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी शक्ति बना। उन्होंने कहा कि यदि परिवार का साथ और स्वयं पर विश्वास बना रहे तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

एक्चुअरी का कार्य वित्तीय जोखिमों का वैज्ञानिक विश्लेषण करना होता है। बीमा कंपनियों, वित्तीय संस्थानों तथा निवेश संगठनों में एक्चुअरी जोखिम का आकलन, बीमा प्रीमियम निर्धारण, मानव जीवन मूल्यांकन, पेंशन योजनाओं तथा दीर्घकालिक वित्तीय मॉडल तैयार करने जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं। भारत सहित यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया और अन्य अनेक देशों में एक्चुअरी फेलोशिप परीक्षा को विश्व की सबसे कठिन पेशेवर परीक्षाओं में गिना जाता है।
वर्तमान में रेणुका बंसल डेलॉयट यूएसआई में कार्यरत हैं, जहां वह एक अमेरिकी ग्राहक के लिए मॉडलिंग डोमेन से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। उनका उद्देश्य भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने ज्ञान और अनुभव का विस्तार करते हुए वैश्विक वित्तीय क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देना है।
रेणुका बंसल की सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण कभी व्यर्थ नहीं जाते। यदि व्यक्ति चुनौतियों से घबराने के बजाय निरंतर आगे बढ़ता रहे, तो सफलता अवश्य उसके कदम चूमती है। उनकी उपलब्धि आज आसनसोल ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल के युवाओं के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का सशक्त उदाहरण बन चुकी है।















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