आसनसोल : रथयात्रा के पावन पर्व के उपरांत गुरुवार को शहर के अपकार गार्डन दुर्गा पूजा समिति परिसर में पारंपरिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खूंटी पूजन का आयोजन श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही आगामी शारदीय दुर्गोत्सव की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समिति पदाधिकारियों तथा स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।

सनातन परंपरा के अनुसार रथयात्रा के बाद संपन्न होने वाला खूंटी पूजन मां दुर्गा के आगमन की तैयारियों का प्रथम धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है। इसी दिन पंडाल निर्माण के लिए निर्धारित स्थान का पूजन कर शुभ कार्यों का आरंभ किया जाता है। मान्यता है कि इस विधि-विधान से समस्त आयोजन निर्विघ्न संपन्न होता है तथा क्षेत्र में सुख, समृद्धि और मंगल का संचार होता है।
पूजा-अर्चना के दौरान वैदिक आचार्यों ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ एवं पूजन संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से क्षेत्र में शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण व्याप्त रहा तथा श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने समिति के पदाधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों को आगामी दुर्गोत्सव की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का सबसे बड़ा उत्सव है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष भी समिति अनुशासन, सौहार्द और भव्यता के साथ दुर्गोत्सव का आयोजन करेगी।
विधायक ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन समाज में पारस्परिक सद्भाव, सहयोग और भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने समिति के सदस्यों की वर्षों से चली आ रही सामाजिक और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि इन आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ती है।

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि खूंटी पूजन के साथ ही पंडाल निर्माण, विद्युत सज्जा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, सुरक्षा व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े सभी कार्य चरणबद्ध ढंग से प्रारंभ कर दिए जाएंगे। इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों को विशेष प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है।
आयोजकों ने बताया कि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा तथा चिकित्सा सहायता जैसे सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जाएंगे। साथ ही स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को भी आयोजन से जोड़कर पारंपरिक कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
खूंटी पूजन के साथ ही अपकार गार्डन में शारदीय दुर्गोत्सव की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। अब श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की निगाहें उस भव्य आयोजन पर टिकी हैं, जो हर वर्ष की भांति इस बार भी आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करेगा।















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