आसनसोल : कुल्टी थाना क्षेत्र के लालबती इलाके के लच्छीपुर में पार्किंग संचालन को लेकर विवाद गहरा गया है। पार्किंग व्यवस्था में कथित अनियमितता और राजस्व नुकसान का आरोप लगाते हुए वैध पार्किंग संचालक एवं भाजपा कुल्टी मंडल-4 के महासचिव काजल दास ने शुक्रवार को राज्य सरकार, नगर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लच्छीपुर क्षेत्र में वर्तमान समय में तीन पार्किंग संचालित हैं, जिनमें से दो पार्किंग बिना वैध अनुमति और नगर निगम के टेंडर के चल रही हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन अवैध पार्किंगों के कारण सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।
काजल दास ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि इंडियन पार्किंग उर्फ यादव पार्किंग और राय पार्किंग लंबे समय से बिना उचित अनुमति के संचालित की जा रही हैं। उनका कहना है कि केवल ऑनलाइन ट्रेड लाइसेंस के आधार पर पार्किंग संचालन किया जा रहा है, जबकि इसके लिए नगर निगम की निर्धारित प्रक्रिया और वैध स्वीकृति आवश्यक है।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि दोनों पार्किंगों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन खड़े होते हैं और वाहन मालिकों से कथित रूप से शुल्क वसूला जाता है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस राशि का कोई हिस्सा सरकारी राजस्व के रूप में जमा नहीं किया जा रहा है, जिससे पिछले कई वर्षों से निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की शिकायत किए जाने के बाद कुछ समय के लिए कार्रवाई दिखाई जाती है, लेकिन कुछ दिनों बाद पार्किंग फिर से संचालित होने लगती है। इसी आधार पर उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर मिलीभगत की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत में सरकारी जमीन के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अतिक्रमण कर पार्किंग का विस्तार किया गया है। वहीं, पार्किंग संचालन के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों की भी जांच करने की मांग की गई है।
वैध पार्किंग संचालक का कहना है कि पास में स्थित सरकारी माइंस बोर्ड ऑफ हेल्थ की पार्किंग निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित होती है और उससे सरकार को नियमित राजस्व प्राप्त होता है। लेकिन अवैध पार्किंग संचालन के कारण वैध व्यवस्था प्रभावित हो रही है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस मामले में शिकायत मुख्यमंत्री, नगर विकास विभाग, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पुलिस महानिदेशक, आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट, जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन को भेजी गई है।
बताया गया है कि पार्किंग विवाद से जुड़े कुछ मामले न्यायालय में भी विचाराधीन हैं। राय पार्किंग से संबंधित मामला उच्च न्यायालय में तथा यादव पार्किंग से जुड़ा मामला आसनसोल न्यायालय में लंबित बताया जा रहा है।
शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई है। पुलिस की ओर से पार्किंग संचालकों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ पूछताछ के लिए बुलाए जाने की जानकारी सामने आई है।
अब सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाना चाहिए, ताकि सरकारी राजस्व की सुरक्षा और शहर की पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।


















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