आसनसोल : जामुड़िया थाना क्षेत्र में बालू लदे वाहनों को रोककर कथित रूप से रुपये वसूले जाने के मामले में पुलिस ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान राकेश माझी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह स्वयं को भाजपा से जुड़ा हुआ बताता था। मामले से संबंधित एक कथित वीडियो समाजमाध्यमों पर प्रसारित होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, मामला जामुड़िया थाना अंतर्गत चुरुलिया के मदनतोड़ क्षेत्र से जुड़ा है। आरोप है कि वहां बालू लदे वाहनों को रोककर उनसे रुपये लिए जा रहे थे। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में समाजमाध्यमों पर तेजी से प्रसारित होने लगा। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
वीडियो सामने आने के बाद सक्रिय हुई पुलिस
पुलिस ने प्रसारित वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने का प्रयास शुरू किया। प्रारंभिक जांच के बाद राकेश माझी को हिरासत में लिया गया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे आसनसोल न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का प्रयास है कि कथित वसूली के पीछे केवल एक व्यक्ति की भूमिका थी या इसके पीछे कोई संगठित व्यवस्था काम कर रही थी। साथ ही वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम की वास्तविकता और इसमें शामिल अन्य संभावित लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
भाजपा ने अवैध वसूली से किया किनारा
मामले के राजनीतिक पहलू को लेकर भाजपा के आसनसोल संगठनात्मक जिला अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य ने पार्टी का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी प्रकार की अवैध वसूली अथवा गैरकानूनी गतिविधि का समर्थन नहीं करती।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी राजनीतिक दल का नाम लेकर गैरकानूनी गतिविधि करता है, तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की।
देवतनु भट्टाचार्य ने कहा कि जांच के दौरान किसी राजनीतिक प्रभाव में आए बिना उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए। उनके अनुसार, दोषी व्यक्ति किसी भी राजनीतिक दल या संगठन से जुड़ा हो, कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।
अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस अब कथित वसूली से संबंधित पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। वायरल वीडियो के अलावा मौके की परिस्थितियों, संबंधित वाहनों और संभावित लेनदेन से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बालू परिवहन से जुड़े वाहनों को रोकने और कथित रूप से रुपये लेने की प्रक्रिया में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
















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