दुर्गापुर : पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर-फरीदपुर थाना क्षेत्र में एक परित्यक्त ईंट भट्ठे से करीब 48 लाख रुपये नकद बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। चंद्रडांगा क्षेत्र स्थित ‘पद्म ईंट भट्ठा’ से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर इतनी बड़ी रकम वहां किसने पहुंचाई, इसे किस उद्देश्य से छिपाया गया था और इसका वास्तविक स्वामी कौन है? पुलिस अब इन्हीं सवालों के जवाब तलाश रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह बरामदगी एक चोरी की घटना की जांच के दौरान हुई। इसी महीने की पहली तारीख को गौड़बाजार गांव के पश्चिमपाड़ा इलाके में एक व्यक्ति के घर चोरी की शिकायत सामने आई थी। मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले। इन्हीं सुरागों के आधार पर मंगलवार को पुलिस टीम ने चंद्रडांगा स्थित लंबे समय से बंद पड़े ईंट भट्ठे में तलाशी अभियान चलाया।
ट्रॉली बैग में रखी थी नकदी
तलाशी के दौरान पुलिस को एक काले रंग का ट्रॉली बैग मिला। बैग खोलने पर उसमें बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। पुलिस ने प्रारंभिक गणना में रकम करीब 48 लाख रुपये बताई है। इतनी बड़ी राशि एक सुनसान और परित्यक्त परिसर से मिलने के बाद जांच अधिकारियों ने बरामद रकम को कब्जे में लेकर उसके स्रोत की पड़ताल शुरू कर दी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी की घटना और बरामद नकदी के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं। इसके अलावा भट्ठे में रकम रखने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्र में पूछताछ और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

बरामदगी के बाद राजनीतिक बयानबाजी
नकदी बरामद होने के बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। भाजपा प्रवक्ता सुमंत मंडल ने आरोप लगाया कि पूर्व में क्षेत्र के कुछ राजनीतिक नेताओं का इस ईंट भट्ठे में आना-जाना रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि किसी अवैध आर्थिक गतिविधि से अर्जित धन को जांच से बचाने के लिए यहां छिपाया गया हो सकता है।
हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने भी बरामद रकम को किसी राजनीतिक दल या नेता से जोड़कर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है।
हर पहलू से जांच कर रही पुलिस
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणव कुमार ने कहा कि बरामद नकदी के स्रोत, वास्तविक स्वामी और उसके संभावित आपराधिक संबंधों की जांच की जा रही है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम चोरी की घटना से संबंधित है अथवा किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से। इसके लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ के साथ घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
कुछ दिन पहले पड़ोसी बीरभूम जिले में पत्थर कारोबारी टुलू मंडल से जुड़े ठिकानों से बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण बरामद होने की घटना भी चर्चा में रही थी। ऐसे में दुर्गापुर के परित्यक्त ईंट भट्ठे से 48 लाख रुपये मिलने के बाद क्षेत्र में अटकलों का दौर तेज है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने तक नकदी के वास्तविक स्रोत और स्वामी के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
















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