आसनसोल : शहर के ओल्ड स्टेशन सांस्कृतिक क्लब परिसर में शुक्रवार को आगामी काली पूजा की तैयारियों का विधिवत शुभारंभ हुआ। पूजा आयोजन को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने के उद्देश्य से परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ खूंटी पूजन किया गया। इसके साथ ही प्रस्तावित पूजा पंडाल के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई। आयोजन को लेकर क्लब सदस्यों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

खूंटी पूजन समारोह में आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ रामकृष्ण मिशन के सचिव सौमतामानंद जी महाराज, भाजपा जिला अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य, व्यवसायी एवं समाजसेवी सचिन राय, एचएन मिश्रा, ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स के संस्थापक एवं अध्यक्ष बुंबा मुखर्जी तथा रथीन मुखर्जी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर पंडाल निर्माण की आधारशिला रखी।
क्लब पदाधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष काली पूजा को पिछले आयोजनों की तुलना में अधिक भव्य रूप देने की योजना तैयार की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा और आकर्षण को ध्यान में रखते हुए पंडाल की सजावट, प्रकाश व्यवस्था तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। आयोजकों का कहना है कि पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए व्यवस्थाओं को समय रहते अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इस बार पूजा की सबसे प्रमुख विशेषता मां काली की भव्य प्रतिमा होगी। क्लब की ओर से प्रतिमा निर्माण पर करीब साढ़े तीन लाख रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है। आयोजकों का दावा है कि प्रतिमा को आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा, जिससे पूजा के दौरान यह श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी।
कार्यक्रम को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए क्लब की ओर से सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता दी गई। खूंटी पूजन के अवसर पर जरूरतमंद महिलाओं के बीच साड़ियों का वितरण किया गया। इसके अलावा रक्तदान शिविर का आयोजन कर लोगों को सामाजिक सेवा और मानवता के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। शिविर में स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

क्लब के सक्रिय सदस्यों मधु बोस, पुरण प्रसाद, रजेत प्रसाद, फूफा बोस, बिक्कू गोप और श्यामल दास सहित अन्य सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
क्लब सदस्यों ने बताया कि काली पूजा के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। आयोजन समिति का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें स्थानीय निवासी और बाहर से आने वाले श्रद्धालु शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण माहौल में मां काली की आराधना कर सकें।
खूंटी पूजन के साथ ही पूजा की तैयारियों का औपचारिक आगाज हो गया है। अब आने वाले दिनों में पंडाल निर्माण, प्रतिमा निर्माण और सजावट से जुड़े कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों के बीच भी इस वर्ष के आयोजन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।














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