दुर्गापुर : सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को दुर्गापुर के मुचीपाड़ा में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुचीपाड़ा यातायात पुलिस की पहल पर राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के किनारे नुक्कड़ नाटक के माध्यम से राहगीरों और वाहन चालकों को सुरक्षित यातायात का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने सड़क दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया गया कि सड़क पर वाहन चलाते समय की गई छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम का कारण बन सकती है। मौके पर मौजूद लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और स्वयं के साथ दूसरे वाहन चालकों की सुरक्षा का भी ध्यान रखने की अपील की गई।
यमराज के किरदार ने खींचा ध्यान
जागरूकता कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा ‘यमराज’ का पात्र रहा। कलाकार ने प्रतीकात्मक रूप से यह संदेश दिया कि बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना जीवन को गंभीर खतरे में डाल सकता है। नाटक में हेलमेट के बिना वाहन चलाने वाले व्यक्ति को यमराज के सामने पहुंचते हुए दिखाकर लोगों को सावधानी बरतने का संदेश दिया गया।
पुलिस का उद्देश्य था कि यातायात नियमों की जानकारी केवल भाषण तक सीमित न रहे, बल्कि मनोरंजक और प्रभावी माध्यम से लोगों तक पहुंचे। नुक्कड़ नाटक के दौरान राहगीरों और वाहन चालकों की भीड़ जुटी रही और लोगों ने कार्यक्रम को ध्यानपूर्वक देखा।
हेलमेट के साथ सीट बेल्ट का संदेश
कार्यक्रम में केवल दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने की सलाह नहीं दी गई, बल्कि चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए भी जागरूक किया गया। कलाकारों ने यातायात संकेतों का पालन करने, निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाने और सड़क पर अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक वाहन चालक और राहगीर की जिम्मेदारी है कि वह नियमों का पालन करे और दूसरे लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखे।
नियमों की अनदेखी पड़ सकती है भारी
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को बताया गया कि तेज गति, हेलमेट या सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना, यातायात संकेतों की अनदेखी और वाहन चलाते समय लापरवाही दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन सकती है। इसलिए कुछ मिनट बचाने या जल्दबाजी करने के लिए जीवन को खतरे में डालना समझदारी नहीं है।
मुचीपाड़ा यातायात पुलिस की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी रही। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए आने वाले दिनों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उद्देश्य स्पष्ट है—सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना और दुर्घटनाओं में होने वाली जान-माल की क्षति को कम करना।
















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