कुल्टी : पश्चिम बंगाल-झारखंड सीमा पर पशु परिवहन को लेकर पुलिस की सतर्कता मंगलवार को एक बार फिर सामने आई। कुल्टी थाना अंतर्गत चौरंगी पुलिस चौकी की टीम ने डुबुर्डिही सीमा जांच चौकी पर नियमित जांच के दौरान दो संदिग्ध पिकअप वाहनों को रोककर उनकी तलाशी ली। दोनों वाहनों पर ‘एनिमल कैरियर’ लिखा हुआ था और उनमें कुल आठ भैंसें मिलीं।
पुलिस के अनुसार, दोनों वाहन बिहार के आरा से पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के भद्रेश्वर की ओर जा रहे थे। जांच के दौरान वाहनों में चार वयस्क भैंस और चार बच्चे पाए गए। पुलिस ने चालकों से पशुओं के परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा।
दस्तावेजों की जांच में सामने आई कमी
वाहन चालकों ने पुलिस को बताया कि उनके पास पशुओं के परिवहन से संबंधित कागजात मौजूद हैं और वे भैंसों को भद्रेश्वर स्थित एक पशु बाड़े तक ले जा रहे थे। हालांकि, पुलिस द्वारा दस्तावेजों की जांच किए जाने पर परिवहन के लिए आवश्यक कुछ कागजात पूरे और संतोषजनक नहीं पाए गए।
चौरंगी पुलिस चौकी के एक अधिकारी के अनुसार, पशुओं को एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाने के लिए निर्धारित नियमों के तहत आवश्यक दस्तावेज होना जरूरी है। जांच के दौरान कागजात में कमी पाए जाने के कारण दोनों वाहनों को पश्चिम बंगाल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
झारखंड की ओर लौटाए गए वाहन
दस्तावेजों में कमी सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों पिकअप वाहनों को पश्चिम बंगाल में प्रवेश करने से रोक दिया। इसके बाद वाहनों को वापस झारखंड की दिशा में भेज दिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का उद्देश्य पशुओं के अवैध परिवहन और नियमों के उल्लंघन को रोकना है।
सीमा क्षेत्र में वाहनों की नियमित जांच के दौरान पुलिस विशेष रूप से पशु परिवहन से जुड़े वाहनों पर नजर रख रही है। जांच में पशुओं की संख्या, वाहन की स्थिति, चालक के दस्तावेज तथा परिवहन से संबंधित अनुमति पत्रों की पड़ताल की जा रही है।
सीमा पर निगरानी बढ़ाने पर जोर
डुबुर्डिही चेकपोस्ट पश्चिम बंगाल और झारखंड के बीच महत्वपूर्ण प्रवेश मार्गों में शामिल है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन एक राज्य से दूसरे राज्य में आते-जाते हैं। ऐसे में सुरक्षा और वैध परिवहन सुनिश्चित करने के लिए यहां जांच व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पशुओं के परिवहन के दौरान स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, परिवहन अनुमति, स्वामित्व संबंधी दस्तावेज सहित आवश्यक कागजात का होना जरूरी है। दस्तावेजों में कमी मिलने पर वाहनों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
मंगलवार की कार्रवाई के बाद सीमा क्षेत्र में पशु परिवहन करने वाले वाहन चालकों में भी सतर्कता बढ़ी है। पुलिस ने संकेत दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ आगे भी जांच और आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल दोनों वाहनों को पश्चिम बंगाल में प्रवेश नहीं दिया गया और उन्हें वापस झारखंड की ओर भेज दिया गया।
















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