आसनसोल : खेलों के प्रति युवाओं, विशेषकर बालिकाओं की रुचि बढ़ाने और उनमें आत्मविश्वास तथा साहस की भावना विकसित करने के उद्देश्य से बुधवार को पोलो मैदान में विशेष खेल आयोजन हुआ। नेशनल एडवेंचर फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम में जिले की विभिन्न टीमों से आई बालिकाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। मैदान में खिलाड़ियों का जोश, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक भावना आकर्षण का केंद्र रही।

20 टीमों की बालिकाओं ने लिया हिस्सा
प्रतियोगिता में जिले की 20 टीमों की बालिका खिलाड़ियों ने भागीदारी की। अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंची खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों में जीत की ललक के साथ-साथ एक-दूसरे के प्रति सम्मान और खेल भावना भी देखने को मिली।
आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि बालिकाओं को खेलों के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराना भी है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभाओं को उचित मंच मिलने से वे अपनी क्षमता को बेहतर ढंग से सामने ला सकती हैं।
बेटियों की भागीदारी से बढ़ा उत्साह
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री अग्निमित्रा पाल उपस्थित रहीं। उन्होंने मैदान में मौजूद खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेलों में बालिकाओं की बढ़ती भागीदारी समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है।
उन्होंने कहा कि आज बेटियां शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, खेल और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं। खेल का मैदान उन्हें अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और कठिन परिस्थितियों से मुकाबला करने की सीख देता है। इसलिए बालिकाओं को खेलों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।

गणमान्य लोगों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला
कार्यक्रम में सुपर शक्ति प्रबंधन के पदाधिकारियों के साथ दुर्गापुर विमानपत्तन के निदेशक कैलाश मंडल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें निरंतर अभ्यास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
आयोजन को सफल बनाने में नेशनल एडवेंचर फाउंडेशन के अध्यक्ष पवन गटगुटिया, सचिव मिहिर मंडल और उनकी पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों ने कहा कि खेल गतिविधियों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने से नई प्रतिभाओं की पहचान संभव होगी।
विजेता टीमों का हुआ सम्मान
प्रतियोगिता के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों और खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर खिलाड़ियों में खासा उत्साह दिखाई दिया। आयोजकों और अतिथियों ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके भीतर नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करती हैं।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि यदि बेटियों को अवसर और उचित मंच मिले तो वे खेल के क्षेत्र में भी नई उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।















Users Today : 10
Users Yesterday : 29