आसनसोल : देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय ने इस बार पारंपरिक परेड और सलामी से आगे बढ़कर सामाजिक सरोकार का संदेश दिया। पुलिस ने समाज के विभिन्न वर्गों के बच्चों के साथ स्वतंत्रता दिवस की खुशियां साझा कर उन्हें राष्ट्रप्रेम, रचनात्मकता और आपसी विश्वास से जोड़ने का प्रयास किया।
चित्रों में उभरा राष्ट्रप्रेम
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस आयुक्तालय की ओर से विभिन्न स्थानों पर बच्चों के लिए संगीत और चित्रांकन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। किसी ने तिरंगे को अपनी कल्पना का केंद्र बनाया तो किसी ने स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रप्रेम से जुड़े दृश्य कागज पर उकेरे।
चित्रों में बच्चों की कल्पनाशीलता के साथ देश के प्रति उनका लगाव भी दिखाई दिया। वहीं देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियों ने वातावरण को उत्साह और राष्ट्रीय भावना से भर दिया।
थानों में बच्चों के बीच बांटी मिठाइयां
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयुक्तालय के अधीन विभिन्न थानों में भी बच्चों के साथ उत्सव मनाया गया। पुलिसकर्मियों ने बच्चों को मिठाई और टॉफियां वितरित कर उन्हें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
इस पहल का उद्देश्य पुलिस और आम नागरिकों के बीच संवाद को सहज बनाना रहा। विशेष रूप से बच्चों को इस आयोजन में शामिल कर पुलिस ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ समाज के प्रति संवेदनशीलता भी उसकी जिम्मेदारी है।
‘दिशा’ के बच्चों के साथ आत्मीय संवाद
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण कुल्टी थाना क्षेत्र में संचालित ‘दिशा’ के बच्चों के साथ पुलिस अधिकारियों की मुलाकात रही। अधिकारियों ने बच्चों के साथ समय बिताया, उनसे बातचीत की और उनकी रुचियों तथा भविष्य के सपनों के बारे में जानकारी ली।
बच्चों ने भी अधिकारियों के साथ खुलकर संवाद किया। इस दौरान औपचारिकता से अलग सहज वातावरण नजर आया। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया।

भरोसे की मजबूत हुई डोर
पुलिस की इस पहल को केवल स्वतंत्रता दिवस समारोह के रूप में नहीं देखा जा रहा है। सामाजिक दृष्टि से इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि बच्चों के मन में पुलिस की छवि सामान्यतः कानून और अनुशासन से जुड़ी होती है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से पुलिस का संवेदनशील और सहयोगी पक्ष सामने आता है।
बच्चों के साथ संवाद, सांस्कृतिक गतिविधियां और मिठाई वितरण जैसी पहल पुलिस तथा समाज के बीच दूरी कम करने में सहायक हो सकती हैं। इससे नई पीढ़ी में पुलिस के प्रति भय के बजाय विश्वास और सम्मान की भावना विकसित होने की संभावना रहती है।
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय की पहल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यही संदेश दिया कि राष्ट्रोत्सव की सार्थकता तभी है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर खुशियां साझा की जाएं। देश की स्वतंत्रता केवल समारोहों की नहीं, बल्कि संवेदनशील, सुरक्षित और सहभागी समाज के निर्माण की भी प्रेरणा है।

















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