दुर्गापुर : कोलकाता और तारापीठ में दो दिनों के भीतर हुए भीषण अग्निकांड में 18 लोगों की मौत के बाद दुर्गापुर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। हादसों से सबक लेते हुए पुलिस और दमकल विभाग ने गुरुवार को शहर के बेनाचिती क्षेत्र स्थित कई होटलों में अग्निसुरक्षा व्यवस्था की जांच की। अभियान के दौरान सामने आई कमियों ने होटल संचालकों की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

सुबह से ही पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न होटलों का निरीक्षण शुरू किया। अधिकारियों ने होटल भवनों में लगे अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, पानी की व्यवस्था, अग्निशमन यंत्रों की वैधता तथा दमकल वाहनों के पहुंचने के मार्ग की जांच की।
कई होटलों में सुरक्षा व्यवस्था अधूरी
जांच के दौरान कुछ होटलों में अग्निशमन व्यवस्था अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। कहीं पर्याप्त संख्या में अग्निशामक उपकरण उपलब्ध नहीं थे, तो कुछ स्थानों पर आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं मिली।
दमकल अधिकारियों के अनुसार, कुछ होटल परिसरों में अग्निशमन के लिए आवश्यक स्प्रिंकलर व्यवस्था भी नहीं पाई गई। इसके अलावा कुछ स्थानों पर लगाए गए अग्निशामक यंत्रों की वैधता अवधि समाप्त होने की जानकारी सामने आई।
पानी की पाइपलाइन और रास्ते पर भी सवाल
अग्निकांड की स्थिति में आग बुझाने के लिए पर्याप्त जलापूर्ति महत्वपूर्ण मानी जाती है। निरीक्षण के दौरान कुछ होटलों में अग्निशमन व्यवस्था के लिए आवश्यक पानी की पाइपलाइन भी नहीं मिली।
इसके अलावा कुछ होटल ऐसे स्थानों पर स्थित पाए गए, जहां दमकल की बड़ी गाड़ियों के पहुंचने में परेशानी हो सकती है। संकरे रास्तों और सीमित प्रवेश व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने होटल प्रबंधन को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।

नोटिस जारी, जवाब संतोषजनक नहीं तो कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान मिली कमियों के आधार पर दमकल विभाग ने कई होटल संचालकों को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने होटल प्रबंधन से अग्निसुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने तथा निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद उसकी समीक्षा की जाएगी। यदि होटल प्रबंधन की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया अथवा सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर नहीं किया गया, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हादसों के बाद बढ़ी प्रशासन की चिंता
कोलकाता और तारापीठ की घटनाओं ने होटल और अतिथि आवासों में अग्निसुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग रात में ठहरते हैं, इसलिए आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है।
दुर्गापुर में शुरू हुआ यह निरीक्षण अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य केवल कमियां चिन्हित करना नहीं, बल्कि होटल संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन कराने पर भी जोर देना है।
अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में अन्य होटल और अतिथि आवासों की भी जांच की जा सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि लोगों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।















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