दुर्गापुर : कांकसा थाना क्षेत्र के राजबांध स्थित गौरी देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड हॉस्पिटल के छात्रावास में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे में फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान बिहार के सीतामढ़ी जिले के 20 वर्षीय अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। वह चिकित्सा महाविद्यालय में प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। आगामी 3 सितंबर से उसकी परीक्षाएं शुरू होने वाली थीं।
दरवाजा नहीं खुला तो सहपाठी को हुई आशंका
कॉलेज सूत्रों के अनुसार, अभिषेक छात्रावास के एक कमरे में अपने सहपाठी के साथ रहता था। घटना के समय उसका सहपाठी कमरे से बाहर गया हुआ था। कुछ समय बाद लौटने पर उसने कमरे का दरवाजा भीतर से बंद पाया। आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उसे अनहोनी की आशंका हुई।
इसके बाद अन्य छात्रों की सहायता से दरवाजा खोला गया। कमरे के भीतर अभिषेक को फंदे से लटका देखकर छात्रावास में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही कांकसा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रावास के कमरे का निरीक्षण करने के साथ घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। मृतक के परिवार को भी घटना की सूचना दे दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि छात्र ने ऐसा कदम क्यों उठाया। कमरे से किसी प्रकार का संदेश अथवा अन्य महत्वपूर्ण सामग्री मिली है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परीक्षा को लेकर तनाव की आशंका
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सहायक महाप्रबंधक शुभंकर भट्टाचार्य ने बताया कि आगामी 3 सितंबर से प्रथम वर्ष की परीक्षाएं निर्धारित थीं। इसी वजह से प्रारंभिक स्तर पर परीक्षा संबंधी दबाव या मानसिक तनाव की आशंका व्यक्त की जा रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे मृत्यु का निश्चित कारण नहीं माना जा सकता।
कॉलेज प्रशासन ने भी घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विद्यार्थियों और कर्मचारियों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अभिषेक के सहपाठियों में घटना को लेकर गहरा शोक और सदमा है।
परिजनों के पहुंचने का इंतजार
अभिषेक के परिवार को घटना की जानकारी मिलने के बाद घर में मातम छा गया। परिजनों के कॉलेज पहुंचने की प्रतीक्षा की जा रही थी। छात्र की असामयिक मृत्यु ने उसके सहपाठियों और शिक्षकों को भी स्तब्ध कर दिया।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। कमरे की परिस्थितियों, छात्र के हालिया व्यवहार, सहपाठियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर सामने आएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
घटना ने एक बार फिर उच्च शिक्षा और विशेषकर चिकित्सा शिक्षा में विद्यार्थियों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव तथा उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस मामले में परीक्षा का दबाव कारण था या नहीं, यह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

















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