दुर्गापुर सहकारी बैंक में 40.60 करोड़ के वित्तीय अनियमितता के आरोप, दोषियों पर कठोर कार्रवाई के संकेत

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दुर्गापुर :  दुर्गापुर स्टील पीपल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद शनिवार को बैंक परिसर में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। खाद्य एवं सहकारिता विभाग के मंत्री अशोक कीर्तनिया ने बेनाचिति स्थित बैंक का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ बैठक कर वित्तीय लेन-देन सहित विभिन्न मामलों की जानकारी ली। निरीक्षण के बाद मंत्री ने कथित अनियमितताओं को गंभीर बताते हुए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई के संकेत दिए।

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मंत्री के अनुसार, वर्ष 2017 से 2026 के बीच बैंक में करीब 40 करोड़ 60 लाख 51 हजार 565 रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप सामने आया है। उनका दावा है कि इस राशि की अब तक पूरी वसूली नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच के दौरान कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण स्वीकृत किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित ऋणों को मंजूरी किस स्तर पर और किन अधिकारियों की ओर से दी गई।

ऋण स्वीकृति प्रक्रिया पर उठे सवाल

निरीक्षण के दौरान बैंक अधिकारियों से ऋण संबंधी दस्तावेज, स्वीकृति प्रक्रिया और बकाया राशि के संबंध में जानकारी ली गई। मंत्री ने कहा कि जिन अधिकारियों की भूमिका ऋण स्वीकृत करने में रही है, उनसे पूछताछ की गई है। अब जांच के आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि वित्तीय अनियमितताओं के लिए कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता प्रमाणित होने पर संबंधित व्यक्ति को कार्रवाई से बचाया नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारियों की भूमिका सामने आने पर उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसी प्रकार स्थानांतरित होकर दूसरी जगह कार्यरत अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा।

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संपत्ति जब्ती की भी चेतावनी

अशोक कीर्तनिया ने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की वित्तीय अनियमितता में संलिप्तता प्रमाणित होती है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत ऐसा उचित पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति की संपत्ति जब्त करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बैंक की राशि की वसूली और संस्थान की वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करना प्राथमिकता होगी।

मंत्री ने बैंक में लंबे समय से एक ही विभाग में कार्यरत अधिकारियों की जानकारी जुटाने का भी निर्देश दिया। उनके अनुसार, ऐसे अधिकारियों की पहचान कर सोमवार से स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है, ताकि बैंक के कामकाज में पारदर्शिता और प्रशासनिक निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।

फिलहाल बैंक में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। आरोपों की वास्तविकता, जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका और कथित राशि की वसूली को लेकर आने वाले दिनों में तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। वहीं, बैंक से जुड़े कर्मचारियों और खाताधारकों की निगाहें अब जांच के परिणाम तथा प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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