रानीगंज में बाइपास विस्तार के लिए कार्रवाई, साहेबगंज में मकान ढहाने पर ग्रामीणों का विरोध, मुआवजे को लेकर उठे सवाल

Facebook
Twitter
WhatsApp

रानीगंज :  शहर को जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 19 से साहेबगंज मोड़ तक प्रस्तावित बाइपास के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। करीब 450 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना के तहत सड़क के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को साहेबगंज क्षेत्र में प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर तनाव और विरोध की स्थिति उत्पन्न हो गई।

IMG 20240918 WA0025

प्रशासनिक दल ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बाइपास के किनारे स्थित एक मकान को बुलडोजर की सहायता से ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय के अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। रेलवे की ओर से भी केंद्रीय बल के जवानों की तैनाती किए जाने की जानकारी सामने आई है।

नोटिस के बाद कार्रवाई का दावा

प्रशासन का कहना है कि बाइपास और रेल विस्तार से संबंधित भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है। संबंधित भू-स्वामियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नोटिस दिए गए थे और पात्र लोगों को मुआवजा भी उपलब्ध कराया गया। प्रशासन के अनुसार, अधिकांश भू-स्वामियों ने मुआवजा प्राप्त करने के बाद भूमि खाली कर दी, लेकिन कुछ लोगों द्वारा अब तक कब्जा नहीं हटाए जाने के कारण कार्रवाई करनी पड़ी।

अधिकारियों के अनुसार, संबंधित लोगों को पहले भी भूमि खाली करने के लिए कहा गया था। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही रविवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।

स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति

दूसरी ओर, प्रभावित स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर उनकी कई आपत्तियां हैं। कुछ निवासियों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से पहले किए गए सर्वेक्षण के आधार पर भूमि और मकानों के कुछ हिस्सों को हटाया गया था। अब दोबारा अतिरिक्त भूमि लिए जाने की कार्रवाई से प्रभावित परिवारों में नाराजगी है।

स्थानीय लोगों ने मांग की कि परियोजना के लिए जितनी भूमि आवश्यक है, उसका स्पष्ट रूप से सीमांकन एक ही बार किया जाए और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार पूरा मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि बार-बार सर्वेक्षण और निर्माण हटाने की कार्रवाई से परिवारों के सामने अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो रही है।

कुछ प्रभावित परिवारों ने यह भी दावा किया कि उन्हें अभी तक पूर्ण मुआवजा नहीं मिला है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मुआवजे से जुड़े दस्तावेजों और संबंधित भूमि अभिलेखों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

यातायात सुधार का लक्ष्य

प्रशासनिक दृष्टि से बाइपास परियोजना को औद्योगिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रानीगंज शहर से गुजरने वाले भारी वाहनों का दबाव कम करने, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और औद्योगिक माल की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित करने के लिए बाइपास निर्माण की योजना बनाई गई है।

IMG 20250511 WA0050

रेल विस्तार के साथ सड़क संपर्क व्यवस्था को बेहतर करने की योजना से क्षेत्र में परिवहन ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का दबाव कम होने की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि, विकास परियोजनाओं के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उचित मुआवजे का प्रश्न भी महत्वपूर्ण है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच संवाद के माध्यम से भूमि संबंधी विवादों का समाधान निकालना जरूरी माना जा रहा है।

कार्रवाई के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा। फिलहाल साहेबगंज में विकास परियोजना और स्थानीय लोगों की आपत्तियों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती प्रशासन के सामने है। आने वाले दिनों में भूमि अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर क्षेत्रवासियों की नजर बनी हुई है।

IMG 20260526 WA0048

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 3 2 9 5
Users Today : 8
Users Yesterday : 29