आसनसोल : रेलवे परिसरों में नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे सुरक्षा बल की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। गुरुवार को सामने आई जानकारी के अनुसार, आसनसोल मंडल के अंडाल ओपन लाइन तथा जसीडीह पोस्ट की आरपीएफ टीमों ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए कुल 21 नाबालिग बालकों को सुरक्षित बरामद किया।

रेलवे परिसर और ट्रेनों में अकेले अथवा संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें संरक्षण उपलब्ध कराने के लिए आरपीएफ लगातार निगरानी अभियान चला रही है। इसी क्रम में टीमों ने बच्चों को अपने संरक्षण में लिया और प्रारंभिक पूछताछ के बाद उनकी स्थिति की जानकारी जुटाई।
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए सभी नाबालिग बालकों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित बाल सहायता केंद्रों को सौंप दिया गया। वहां बच्चों की काउंसलिंग, सुरक्षा तथा उनके परिवार से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। जरूरत के अनुसार बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष भी प्रस्तुत किया जा सकता है।
रेलवे सुरक्षा बल की इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों और अन्य रेलवे परिसरों में अकेले, भटके हुए अथवा किसी कारण से परिवार से अलग हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराना है।
आरपीएफ की कार्रवाई के बाद बच्चों को सीधे उनके हाल पर छोड़ने के बजाय संबंधित बाल संरक्षण व्यवस्था तक पहुंचाया गया। इससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उनके पुनर्वास और परिवार से पुनर्मिलन की संभावनाएं भी मजबूत होती हैं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करना प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में बच्चों से पूछताछ करते समय उनकी उम्र और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखा जाता है तथा नियमानुसार संबंधित बाल संरक्षण संस्थाओं को सूचना दी जाती है।

अंडाल और जसीडीह में हुई कार्रवाई ने रेलवे परिसरों में आरपीएफ की निगरानी व्यवस्था को भी रेखांकित किया है। रेलवे सुरक्षा बल की टीमें स्टेशन, प्लेटफार्म और अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रख रही हैं, ताकि संकट में फंसे बच्चों की समय रहते पहचान की जा सके।
गुरुवार को सामने आए इस अभियान के परिणाम से यह संदेश भी गया कि रेलवे परिसर में अकेले या असुरक्षित स्थिति में मिलने वाले बच्चों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षा बल सक्रिय है। आरपीएफ ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कोई नाबालिग बच्चा अकेला, भटका हुआ या संदिग्ध परिस्थिति में दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल या संबंधित अधिकारियों को दें।















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