बर्नपुर : भारती भवन में रविवार को शिक्षा, प्रतिभा और प्रोत्साहन का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। Burnpur Hamara Sankalp Social Welfare Society की ओर से ‘डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षा सम्मान 2026’ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुए। समारोह का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ उनकी प्रतिभा को उचित मंच प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम में आसनसोल दक्षिण की विधायक एवं मंत्री अग्निमित्रा पाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके अलावा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों ने भी समारोह में भाग लिया। आयोजन स्थल पर विद्यार्थियों और अभिभावकों की मौजूदगी से पूरे परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा।
मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
समारोह का प्रमुख आकर्षण विभिन्न कक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान रहा। मेधावी बच्चों को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई बच्चों के अभिभावक भी इस अवसर पर उपस्थित रहे और अपने बच्चों की उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई।
आयोजकों का कहना था कि विद्यार्थियों की मेहनत को सार्वजनिक रूप से सम्मान मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है। इससे अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। संस्था भविष्य में भी शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य करने की बात कही।

शिक्षा को बदलाव का आधार बताया
मुख्य अतिथि अग्निमित्रा पाल ने अपने संबोधन में शिक्षा को समाज और राष्ट्र के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता उन्हें उचित अवसर और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की है। उनके अनुसार आज के विद्यार्थी ही आगे चलकर देश की दिशा तय करेंगे।
मंत्री ने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन के साथ अपनी रुचि और प्रतिभा को पहचानने तथा उसे विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी आवश्यक है।
उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बच्चों को आगे बढ़ने के लिए परिवार और विद्यालय दोनों का सहयोग आवश्यक है। प्रतिभावान विद्यार्थियों को समय पर प्रोत्साहन मिलने से वे अपनी क्षमता का बेहतर उपयोग कर सकते हैं।
शिक्षा के साथ प्रतिभा निखारने पर जोर
समारोह में संस्था की ओर से कहा गया कि शिक्षा सम्मान का उद्देश्य केवल पुरस्कार प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में आगे बढ़ने की सकारात्मक भावना विकसित करना है। मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को जब समाज के सामने सम्मान मिलता है तो उन्हें अपनी उपलब्धियों को और बेहतर बनाने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने भी इस प्रकार के आयोजनों को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया। उनका कहना था कि बच्चों को पढ़ाई के साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर मिलना जरूरी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धा के सकारात्मक वातावरण से जोड़ते हैं।
रविवार को आयोजित यह समारोह बच्चों के उत्साह और सम्मान के साथ संपन्न हुआ। आयोजकों ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने और विद्यार्थियों को निरंतर प्रोत्साहित करने का संकल्प दोहराया। समारोह के दौरान भारती भवन में विद्यार्थियों की उपस्थिति और उनके चेहरों पर दिखाई दे रही खुशी पूरे आयोजन का विशेष आकर्षण रही।

















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