आसनसोल : शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने वालों पर अब नगर निगम की निगरानी और कड़ी होने लगी है। स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आसनसोल नगर निगम ने ‘एएमसी सिटी वॉच’ अभियान को सक्रिय किया है। इसके तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में विशेष निगरानी वाहनों से सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। बुधवार को भी इन वाहनों के माध्यम से कई क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया गया।
नगर निगम के इस अभियान का उद्देश्य केवल नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने की आदत विकसित करना भी है। निगम की निगरानी व्यवस्था के तहत सड़क पर थूकने, कचरा फेंकने, खुले में मूत्र त्याग करने तथा प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक का इस्तेमाल करने जैसी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
दसों बोरो में निगरानी व्यवस्था
नगर निगम ने अपने सभी 10 बोरो क्षेत्रों में सिटी वॉच वाहनों को लगाया है। इन वाहनों में स्थान निर्धारण प्रणाली (जीपीएस) के साथ उच्च गुणवत्ता वाले 360 डिग्री घूमने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनके माध्यम से सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की स्थिति पर नजर रखी जाती है।
निगरानी दल का एक महत्वपूर्ण कार्य ऐसे स्थानों की पहचान करना भी है, जहां नियमित रूप से कचरा जमा हो रहा है। चिन्हित स्थानों की जानकारी संबंधित विभाग तक पहुंचाई जाती है, ताकि वहां सफाई की व्यवस्था कराई जा सके। इस तरह निगरानी और सफाई व्यवस्था को एक-दूसरे से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पांच दिनों में एक लाख से अधिक जुर्माना
नगर निगम की सख्ती का असर शुरुआती आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सितंबर के शुरुआती पांच दिनों में ही स्वच्छता नियमों के उल्लंघन के मामलों में एक लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया है। इससे संकेत मिलता है कि सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के पालन को लेकर निगम अब पहले की तुलना में अधिक सक्रिय है।
प्रचलित नियमों के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने अथवा खुले में मूत्र त्याग करने पर 200 रुपये का जुर्माना निर्धारित है। प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक के इस्तेमाल और बिक्री के मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
जुर्माने से आगे व्यवहार बदलने की कोशिश
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार अभियान का अंतिम उद्देश्य अधिक से अधिक जुर्माना वसूलना नहीं है। वास्तविक लक्ष्य नागरिकों के व्यवहार में बदलाव लाना और शहर को स्वच्छ रखने में लोगों की भागीदारी बढ़ाना है। यदि लोग कचरा निर्धारित स्थान पर डालें, सार्वजनिक स्थलों को गंदा न करें और प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग बंद करें तो स्वच्छता व्यवस्था पर दबाव भी कम होगा।
इस अभियान में नगर निगम के सफाईकर्मियों के साथ स्वच्छता से जुड़े स्वयंसेवी कर्मियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। निगरानी वाहनों से सामने आने वाली जानकारी के आधार पर संबंधित क्षेत्रों में सफाई और सुधार की कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम की इस पहल के बाद अब सार्वजनिक स्थानों पर नियमों की अनदेखी करने वालों के लिए निगरानी बढ़ गई है। हालांकि अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निगरानी के साथ नियमित सफाई, त्वरित कार्रवाई और नागरिक जागरूकता को कितनी प्रभावी ढंग से जोड़ा जाता है।


