आसनसोल : ऑनलाइन खाद्य वितरण सेवा से जुड़े कर्मचारियों के आंदोलन का असर अब आसनसोल में स्विगी के वितरण कर्मियों पर भी दिखाई देने लगा है। जोमैटो के बाद स्विगी के वितरण राइडर्स ने भी काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का दावा किया है। शुक्रवार को नारंगी वर्दी पहने कई राइडर्स ने हेलमेट हाथ में लेकर कंपनी के कथित कार्यप्रणाली के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई, ईंधन खर्च और लंबी कार्य अवधि के बीच उन्हें मिलने वाला भुगतान पर्याप्त नहीं है।
प्रति किलोमीटर भुगतान बढ़ाने की मांग
आंदोलनरत कर्मियों के अनुसार, कई बार 8 से 10 किलोमीटर की दूरी तक खाद्य सामग्री पहुंचाने के बदले लगभग 30 रुपये का भुगतान मिलता है। उनका कहना है कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण इतनी राशि में वाहन चलाना और परिवार का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है।
राइडर्स ने मांग की है कि दूरी के आधार पर मिलने वाली राशि में पर्याप्त वृद्धि की जाए। उनका कहना है कि वास्तविक यात्रा दूरी, ईंधन खर्च और समय को ध्यान में रखकर भुगतान व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए।

भोजनालय में इंतजार का नहीं मिलता भुगतान
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आदेश मिलने के बाद भोजनालयों में कई बार लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। इस दौरान उनका समय और ईंधन दोनों खर्च होते हैं, लेकिन प्रतीक्षा अवधि के लिए अलग से कोई राशि नहीं मिलती। इसी तरह ग्राहक द्वारा आदेश रद्द किए जाने की स्थिति में भी आर्थिक नुकसान की भरपाई नहीं होने का दावा कर्मियों ने किया।
राइडर्स का कहना है कि वे प्रतिदिन 12 से 15 घंटे तक काम करते हैं। इतनी लंबी अवधि तक सड़क पर रहने के बावजूद दुर्घटना अथवा बीमारी जैसी परिस्थितियों में पर्याप्त चिकित्सा सहायता नहीं मिलने का भी उन्होंने आरोप लगाया।
पहचान बंद करने और नौकरी से हटाने की धमकी का आरोप
आंदोलनकारियों ने कंपनी के एक टीम प्रभारी पर पहचान संख्या बंद करने और नौकरी से हटाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया। कर्मियों का कहना है कि मांगों को लेकर आवाज उठाने पर दबाव बनाने के बजाय कंपनी को बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।
हालांकि, इन आरोपों पर कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई स्वतंत्र विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है।
नई भर्ती रोकने समेत कई मांगें
स्विगी के वितरण कर्मियों ने अपनी मांगों में प्रति किलोमीटर भुगतान बढ़ाने के साथ नई भर्ती पर रोक, दुर्घटना एवं स्वास्थ्य संबंधी बीमा सुविधा, कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार तथा कथित धमकियों पर रोक लगाने की मांग रखी है।
इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने बिना आवश्यक दस्तावेज और नशे की स्थिति में वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से जरूरी होना चाहिए।
दुर्गापूजा से पहले शुरू हुए इस आंदोलन से शहर में ऑनलाइन खाद्य वितरण सेवा प्रभावित होने की आशंका है। राइडर्स का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक काम पर लौटने का निर्णय नहीं लिया जाएगा। अब नजर इस बात पर है कि कंपनी प्रबंधन और आंदोलनरत कर्मियों के बीच बातचीत से गतिरोध टूटता है या हड़ताल आगे भी जारी रहती है।

















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