कोलकाता/आसनसोल : पश्चिम बंगाल भाजपा ने संगठन को नए सिरे से व्यवस्थित करने की दिशा में शुक्रवार को व्यापक सांगठनिक फेरबदल किया। पार्टी की ओर से लागू की गई ‘एक व्यक्ति, एक पद’ व्यवस्था के तहत कई मंत्रियों, विधायकों और प्रमुख नेताओं को संगठन में निभाई जा रही अतिरिक्त जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस बदलाव का उद्देश्य संगठनात्मक जिम्मेदारियों को अलग-अलग नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बांटकर पार्टी की गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करना बताया गया है।

फेरबदल के तहत मंत्री तापस राय, अग्निमित्रा पॉल और जगन्नाथ चटर्जी सहित कई प्रमुख नेताओं के संगठनात्मक दायित्वों में बदलाव किया गया है। यादवपुर से विधायक शर्बरी मुखर्जी को भी पूर्व सांगठनिक जिम्मेदारी से मुक्त किए जाने की जानकारी है। उल्लेखनीय है कि अग्निमित्रा पॉल वर्तमान में राज्य सरकार में मंत्री हैं और आसनसोल दक्षिण से विधायक हैं।
कई मोर्चों में बदले गए अध्यक्ष
राज्य भाजपा संगठन में केवल शीर्ष स्तर पर ही नहीं, बल्कि विभिन्न मोर्चों और जिलों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नौ जिला अध्यक्षों के साथ चार प्रमुख मोर्चों के नेतृत्व में नए चेहरों को अवसर दिया गया है।
महिला मोर्चा के नेतृत्व में भी परिवर्तन किया गया है। फाल्गुनी पात्रा की जगह अभिनेत्री एवं भाजपा नेत्री अंजना बसु को नई जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं युवा मोर्चा में इंद्रनील खां के स्थान पर आमता से विधायक अमित सामंत को अध्यक्ष बनाए जाने की बात कही गई है।
इसके अतिरिक्त अन्य अग्रिम संगठनों में भी नेतृत्व परिवर्तन किया गया है। धनंजय घोष को अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा और विश्वजीत विश्वास को अनुसूचित जाति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की जानकारी है।
संगठन में नए चेहरों को अवसर
भाजपा के इस सांगठनिक बदलाव के पीछे पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को अधिक सक्रिय बनाने और जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन करने की रणनीति बताई जा रही है। ‘एक व्यक्ति, एक पद’ व्यवस्था के तहत सरकार में मंत्री या विधायक के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे नेताओं को संगठन के अतिरिक्त दायित्वों से अलग करने का प्रयास किया गया है।
पार्टी के स्तर पर यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन के बाद सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर नई कार्यप्रणाली विकसित की जा रही है। जून 2026 में राज्य मंत्रिमंडल के विभागों का भी औपचारिक आवंटन किया गया था, जिसमें अग्निमित्रा पॉल को शहरी विकास एवं नगर मामलों का विभाग तथा तापस राय को उद्योग से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी दी गई थी।
जिला और मोर्चा स्तर पर बढ़ेगी जिम्मेदारी

नए फेरबदल के बाद जिला अध्यक्षों और विभिन्न मोर्चों के नए पदाधिकारियों के सामने संगठन को बूथ और मंडल स्तर तक सक्रिय रखने की जिम्मेदारी होगी। पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में जिला अध्यक्षों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि उनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के बीच समन्वय स्थापित किया जाता है।
भाजपा के राज्य संगठन में इससे पहले भी पदाधिकारियों के स्तर पर बदलाव होते रहे हैं। वर्तमान प्रदेश नेतृत्व में समिक भट्टाचार्य प्रदेश अध्यक्ष और अमिताभ चक्रवर्ती संगठन महामंत्री की भूमिका में हैं।
शुक्रवार को सामने आए फेरबदल के बाद अब संगठन में नए पदाधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। सरकार और संगठन की जिम्मेदारियों को अलग-अलग रखने के इस प्रयास का असर आने वाले समय में पार्टी की सांगठनिक गतिविधियों और जिला स्तर के कामकाज में दिखाई देगा। फिलहाल बदलाव के बाद नए पदाधिकारियों के सामने संगठन को सक्रिय रखने और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने की चुनौती रहेगी।














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