आसनसोल : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक और अनियमितता की जांच का दायरा पश्चिम बंगाल के आसनसोल तक पहुंच गया है। झारखंड सीआईडी की जांच में सामने आया है कि मामले में गिरफ्तार एजेंट दिलीप कुमार पासवान ने आसनसोल के एक होटल में चार-पांच अभ्यर्थियों को कथित रूप से परीक्षा के प्रश्न और उनके उत्तर याद करवाए थे। जांच एजेंसी के अनुसार, इन अभ्यर्थियों ने बाद में परीक्षा में सफलता हासिल की।

दिलीप कुमार पासवान मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के खैरा का रहने वाला बताया गया है। वह वर्तमान में पश्चिम बंगाल के केंदा इलाके में रह रहा था। सीआईडी ने शनिवार को उसे तीन दिन की हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रूप से लीक प्रश्नपत्र उसे किस माध्यम से प्राप्त हुआ और इस पूरे प्रकरण में उसकी भूमिका कितनी व्यापक थी।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू आर्थिक लेनदेन भी है। सीआईडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दिलीप ने कितने अभ्यर्थियों से संपर्क किया, उनसे कितनी राशि ली और कथित तौर पर वसूली गई रकम किन लोगों तक पहुंचाई गई। एजेंसी उसके बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर पूरे तंत्र की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
आसनसोल के होटल की भूमिका जांच के घेरे में
सीआईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि प्रश्न और उत्तर याद करवाने के लिए आसनसोल में एक होटल का इस्तेमाल किया गया था। इससे पहले जांच में बोकारो और नेपाल के बीरगंज सहित अन्य स्थानों पर भी अभ्यर्थियों को कथित रूप से प्रश्न-उत्तर तैयार करवाए जाने की जानकारी सामने आ चुकी है। संबंधित होटलों के अभिलेख, भुगतान विवरण और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
आसनसोल कनेक्शन सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, किसी होटल या स्थानीय व्यक्ति की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

पांच सौ से अधिक सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ
मामले में सीआईडी की विशेष जांच टीम लगातार सफल अभ्यर्थियों के बयान दर्ज कर रही है। शनिवार को 20 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई। इसके साथ ही अब तक पांच सौ से अधिक सफल अभ्यर्थियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। उनसे आवेदन से लेकर परीक्षा में शामिल होने और परिणाम आने तक की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली जा रही है।
जांच एजेंसी कथित प्रश्नपत्र लीक से जुड़े पूरे तंत्र की पहचान करने के लिए अभ्यर्थियों से मिली जानकारियों का सत्यापन कर रही है। जिन लोगों के संबंध में ठोस साक्ष्य मिल रहे हैं, उनकी भूमिका की अलग से जांच की जा रही है।
फिलहाल दिलीप पासवान की हिरासत को जांच की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीआईडी उसके माध्यम से प्रश्नपत्र की कथित आपूर्ति, अभ्यर्थियों से संपर्क, आर्थिक लेनदेन और अन्य सहयोगियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ आसनसोल में कथित रूप से प्रश्न-उत्तर रटवाने वाले ठिकाने से जुड़े नए तथ्य सामने आने की संभावना है।














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