
जामुड़िया : जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के तपसी पंचायत स्थित रेलवे फाटक को अचानक बंद किए जाने पर स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया। यह फाटक तपसी रेलवे स्टेशन के निकटवर्ती इलाकों, विशेषकर स्टेशन पाड़ा, जान बाजार और दास पाड़ा के निवासियों के लिए आवागमन का मुख्य मार्ग है। फाटक के अवरोधित हो जाने के कारण वहाँ के निवासियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे नाराज होकर उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया।

स्थानीय निवासी राज मुखर्जी ने बताया कि यहां पर पूर्व सूचना के अभाव में रेलवे फाटक को बंद कर देने से जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवरब्रिज का निर्माण होने के बाद से ही फाटक बंद करने की साजिश रची जा रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह फाटक स्थायी रूप से बंद कर दिया गया, तो स्थानीय निवासियों को बाजार, पोस्ट ऑफिस और आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने के लिए लगभग 2 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा, जो कि न केवल समय की हानि है, बल्कि आर्थिक रूप से भी घाटे का कारण बनेगा। इस क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं के लिए भी मुख्य रास्ता यही फाटक है, जिसे बंद करने का फैसला पूर्णतया जनविरोधी है।
प्रदर्शन के दौरान स्टेशन मास्टर द्वारा जनता को यह आश्वासन दिया गया कि रेलवे फाटक फिलहाल बंद नहीं किया जाएगा। हालांकि, इस आश्वासन के बावजूद स्थानीय निवासी भविष्य में इस फाटक को बंद करने के किसी भी प्रयास के विरोध में बड़े पैमाने पर आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। उनका कहना है कि क्षेत्रीय जनसुविधाओं को बंद करने का कोई भी कदम स्वीकार्य नहीं होगा, और यदि प्रशासन ने इस ओर कोई कठोर कदम उठाया तो वे शांतिपूर्वक आंदोलन के साथ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

इस बीच, तपसी पंचायत की सदस्य माला बावरी ने भी स्थानीय जनता की भावनाओं का समर्थन करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के नागरिकों के लिए यह फाटक अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ न केवल बाजार, पोस्ट ऑफिस और अस्पताल तक पहुँच के लिए यह मार्ग आवश्यक है, बल्कि स्थानीय व्यापारिक गतिविधियाँ भी इसी मार्ग पर निर्भर हैं। यदि रेलवे प्रशासन ने इस फाटक को स्थायी रूप से बंद कर दिया, तो निवासियों के दैनिक जीवन में व्यतिक्रम पैदा होगा और उन्हें अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। माला बावरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि पंचायत और जनता इस मुद्दे पर एकजुट है और आवश्यकता पड़ने पर वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।

जामुड़िया के निवासियों ने रेलवे प्रशासन से आग्रह किया है कि वे बिना जनहित की दृष्टि से विचार किए कोई निर्णय न लें। जनता का कहना है कि यदि क्षेत्रीय समस्याओं का संज्ञान लिए बिना कोई कठोर कदम उठाया गया, तो इसका सशक्त विरोध किया जाएगा।















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