
अंडाल : अंडाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत श्रीरामपुर पुल के समीप स्थित सिंघारन नदी के प्रचंड प्रवाह में 57 वर्षीय तबला वादक देवाशीष दत्त के बह जाने की गंभीर आशंका व्याप्त है।

घटनास्थल पर उनकी स्कूटी और निजी वस्त्रों से युक्त बैग बरामद किए गए हैं, किंतु उनका कोई सुराग अब तक नहीं मिल सका है। नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज प्रवाह के कारण यह मान्यता प्रबल होती जा रही है कि वे जलधारा के प्रभाव में बह गए होंगे।

देवाशीष दत्त, जो श्रीरामपुर पंचायत के श्रीपल्ली क्षेत्र के स्थायी निवासी थे, अपने संगीत कार्यक्रम से वृहस्पतिवार रात्रि में स्कूटी पर सवार होकर दुर्गापुर से वापस अपने गृहग्राम की ओर प्रस्थान कर रहे थे।
तबला वादन में निपुण देवाशीष एक संगीतमय समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे, जब श्रीरामपुर से डीएसवाई रोड के समीप पुल को पार करते समय यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई। क्षेत्रीय नागरिकों ने आशंका व्यक्त की है कि इस भयंकर वर्षा के परिणामस्वरूप सिंघारन नदी के अत्यधिक उफान पर होने के कारण, पुल पार करते समय वे अनियंत्रित होकर नदी के प्रचंड जल प्रवाह में बह गए होंगे।घटनास्थल से उनकी स्कूटी और बैग मिलने के बावजूद उनका कोई अता-पता नहीं लग पाया है। यह उल्लेखनीय है कि पिछले दो दिनों से हो रही मूसलधार वर्षा के कारण सिंघारन नदी का जलस्तर निरंतर बढ़ रहा है, जिससे पुल पार करने में कठिनाई होना स्वाभाविक है। घटनास्थल से बरामद वस्त्रों और स्कूटी के आधार पर पुलिस ने तत्काल सर्च अभियान प्रारंभ कर दिया है।जैसे ही यह दारुण समाचार पुलिस के पास पहुंचा, उन्होंने न केवल तत्परता से घटनास्थल की घेराबंदी की, अपितु डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग को भी तत्काल सूचित किया। डिजास्टर मैनेजमेंट टीम ने कुशल विशेषज्ञों के साथ सर्च अभियान प्रारंभ किया, जो देवाशीष दत्त की खोज में जुटे हुए हैं। हालांकि, अंतिम समाचार प्राप्त होने तक देवाशीष का कोई ठोस सुराग प्राप्त नहीं हो सका है, जिससे परिजनों और स्थानीय जनता में चिंता और व्याकुलता की स्थिति उत्पन्न हो रही है।यह घटनाक्रम न केवल क्षेत्र के नागरिकों में गहरा शोक उत्पन्न कर रहा है, बल्कि सिंघारन नदी के भयावह जल प्रवाह के प्रति सजगता और सतर्कता की भी आवश्यकता को उजागर करता है। निरंतर हो रही भारी वर्षा ने नदी के जलस्तर को अत्यधिक उफान पर पहुंचा दिया है, जिससे पुल और अन्य क्षेत्रीय मार्गों से गुज़रने वाले नागरिकों के लिए सुरक्षा जोखिम कई गुना बढ़ गए हैं।

पुलिस और डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग की टीमें सतत प्रयासरत हैं, परंतु जल की तीव्रता और गहराई ने खोज अभियान को अत्यधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।स्थानीय प्रशासन द्वारा सभी नागरिकों को ऐसे खतरनाक जल प्रवाह क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।















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