
आसनसोल : राज्य में महिलाओं के प्रति दुष्कर्म, छिनतई, और हत्या की घटनाओं में निरंतर वृद्धि से समस्त समाज में चिंता और आक्रोश व्याप्त है। इस क्रम में पुलिस प्रशासन की विफलता भी इन समस्याओं को और अधिक गंभीर बना रही है। पश्चिम बंगाल के कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार के निर्देश पर, राज्य के सभी थाना क्षेत्रों में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन एवं ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। इसी संदर्भ में, आसनसोल दक्षिण थाना के समक्ष शनिवार की सुबह 11 बजे से 12 बजे तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।


प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश सचिव प्रसेनजीत पोईतांडी ने कहा कि राज्य में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार, दुष्कर्म, और हत्या की घटनाएं अत्यंत निंदनीय और लज्जाजनक हैं। उन्होंने बताया कि पुरुलिया, जयनगर, मालदा, मुर्शिदाबाद के फरक्का, और नदिया के कृष्ण नगर में निरंतर 10 वर्षीय बच्चियों, कॉलेज की छात्राओं, और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं घटित हो रही हैं। आश्चर्यजनक रूप से, इनमें से एक भी मामले में पुलिस द्वारा किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, “पुलिस का कार्य मनुष्य की सुरक्षा करना है, किंतु वे अब तक एक भी आरोपी को पकड़ने में असफल रही हैं।”
प्रसेनजीत ने आगे कहा कि जब तक पुलिस मुख्य आरोपियों की पहचान नहीं करती, तब तक न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है? उन्होंने स्पष्ट किया कि राहगीरों से छिनतई, हत्या और दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि पुलिस पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। उन्होंने तर्क किया कि पुलिस का वेतन जनता के टैक्स के पैसों से दिया जाता है, अतः उन्हें भी जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान जब ज्ञापन सौंपने के लिए छह प्रतिनिधि थाना प्रभारी के कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि थाना प्रभारी वहां उपस्थित नहीं थे। इस पर प्रदर्शनकारियों ने गुस्से में आकर थाना के द्वार को जाम कर दिया। पुलिस ने उनसे अनुरोध किया कि वे हटें, किंतु प्रदर्शनकारियों ने ऐसा करने से इंकार कर दिया, जिसके फलस्वरूप पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। अंततः थाना प्रभारी के आने पर स्थिति नियंत्रित हुई और प्रतिनिधियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर शाह आलम, चंडी बनर्जी, कंचन दे, राजू दत्ता, विश्वनाथ यादव, मोहम्मद शाकिर सहित दर्जनों समर्थक उपस्थित थे। यह प्रदर्शन न केवल महिलाओं के प्रति बढ़ते अत्याचारों की ओर ध्यान खींचने का प्रयास था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि नागरिक समाज में सुरक्षा की भावना को बनाए रखने के लिए एकजुटता आवश्यक है। कांग्रेस ने यह स्पष्ट किया कि वे आगे भी इस मुद्दे को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे, जब तक कि प्रशासन और पुलिस इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाते।















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