
सांकतोड़िय : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के सोदपुर एरिया स्थित दुबेश्वरी कोलियरी गेट पर दुबेश्वरी कोलियरी बचाओ समिति ने आज एक व्यापक आंदोलन का आयोजन किया। इस आंदोलन के दौरान समिति के सदस्यों ने प्रबंधक यूके सिंह का आधे घंटे तक घेराव कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस जनसंघर्ष में शांतिभूषण प्रसाद यादव, तेजनारायण राम, नवनी चक्रवर्ती, सुशील डे, जयप्रकाश महतो और कोलियरी श्रमिकों सहित अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया।


यह उल्लेखनीय है कि 18 अक्टूबर को कोलियरी को निजी कंपनी को सौंपे जाने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। सभी श्रमिक संघों की एकजुटता के परिणामस्वरूप प्रबंधन को इस निर्णय को लागू करने में असफलता का सामना करना पड़ा। आंदोलन के दौरान, शांतिभूषण प्रसाद यादव ने एक महत्वपूर्ण संबोधन में कहा कि प्रबंधन ने कोलियरी को निजी हाथों में सौंपने की योजना बनाई थी, लेकिन श्रमिकों की सामूहिक शक्ति के बल पर कोलियरी को चालू रखने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर से चल रहे इस आंदोलन में सभी का समर्थन महत्वपूर्ण है।

यादव ने आगे कहा कि कुछ तत्व विभिन्न प्रकार की अफवाहें फैला रहे हैं, लेकिन सभी को आश्वस्त किया कि सांसद अरूप चक्रवर्ती के साथ प्रबंधन की कोई संवाद नहीं हुई है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे भयभीत न हों और संयम बनाए रखें। यादव ने सवाल उठाया कि जब प्रबंधन 25 वर्षों के लिए निजी कंपनी को कोलियरी सौंपने को तैयार है, तो यह स्पष्ट है कि वह अगले 40 वर्षों तक संचालन की अनुमति दे रहा है।
उन्होंने प्रबंधन के नव अनुमोदित पैनल की आलोचना करते हुए कहा कि जब तक सांसद को प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिलता, तब तक हम कोई निर्णय नहीं ले सकते हैं। यादव ने चेताया कि प्रबंधन केवल खेल खेल रहा है और इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि यदि आवश्यक हुआ तो हम किसी अन्य उपाय की ओर अग्रसर होंगे।
यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक प्रबंधन श्रमिकों की मांगों को नहीं मानता। यादव ने स्पष्ट किया कि कोलियरी का संचालन श्रमिकों द्वारा किया जाएगा और इसे किसी भी सूरत में निजी हाथों में नहीं सौंपा जाएगा।















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