
पानागढ़ : कांकसा थाना अंतर्गत राजबांध क्षेत्र स्थित राष्ट्रीय तेल संस्थान के मुख्य द्वार पर टैंकर चालकों द्वारा सोमवार को प्रबल विरोध प्रदर्शन किया गया, जिससे समूचे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। जानकारी के अनुसार, सुबह एक टैंकर के संस्थान परिसर में प्रवेश करने की सूचना फैलते ही अन्य टैंकर चालकों ने तत्काल स्थल पर पहुँचकर रोषपूर्ण प्रदर्शन आरंभ कर दिया। परिणामस्वरूप, संस्थान के डिपो में तेल लोडिंग प्रक्रिया पूर्णतः बाधित हो गई, क्योंकि प्रदर्शनकारियों के कारण किसी भी अन्य टैंकर को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।

घटना की सूचना प्राप्त होते ही कांकसा थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उन्हें शांत करने की कोशिश की, हालांकि टैंकर चालकों के आक्रोश का स्तर अत्यधिक था। चालकों ने आरोप लगाया कि संस्थान के कुछ अधिकारी निजी और अवैध परिवहन संस्थाओं के साथ सांठ-गांठ कर गैरकानूनी तरीके से टैंकरों में तेल का परिवहन करा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, चालकों का यह भी आरोप है कि उनके टैंकरों को तकनीकी दोष अथवा फिटनेस न होने का बहाना बनाकर संस्थान में प्रवेश से वंचित किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने यह दावा किया कि संस्थान के इस अनैतिक रवैये से लगभग 300 टैंकर चालकों और खलासियों की आजीविका पर संकट उत्पन्न हो गया है, जिससे कुल मिलाकर 600 से अधिक परिवार बेरोजगारी के कगार पर पहुँच गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने उच्च अधिकारियों से कई बार इस समस्या का समाधान करने हेतु निवेदन किया, किंतु निरंतर उपेक्षा का सामना करना पड़ा। अंततः उन्होंने विरोध प्रदर्शन का मार्ग अपनाते हुए यह निर्णय लिया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक तेल डिपो के भीतर किसी भी टैंकर को प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

विरोध की इस घटना ने न केवल संस्थान के भीतर कार्यकलापों को ठप कर दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न कर दिया है। अब यह देखना शेष है कि उच्च अधिकारी इस गंभीर समस्या का समाधान किस प्रकार से निकालते हैं।















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