
आसनसोल: आसनसोल नगर के दक्षिण थाना क्षेत्रांतर्गत साउथ पुलिस फाँड़ी के निकटवर्ती शारदापल्ली क्षेत्र में स्थित पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय से कुछ दूरी पर घटी एक नृशंस अपहरण की घटना में, देवघर निवासी युवक नकुल मंडल का सुराग पुलिस ने प्राप्त कर उसे मात्र आठ घंटे के भीतर सकुशल उद्धार कर लिया। इस दुर्दान्त षड्यंत्र में अपहृत युवक के परिजनों से अपहरणकर्ताओं ने 25 लाख रुपये की फिरौती की माँग की थी। पुलिस की त्वरित सक्रियता से नकुल सुरक्षित बरामद किया गया, तथा इस प्रकरण में पाँच व्यक्तियों को गिरफ़्तार कर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है।

इस अपहरण में गिरफ्तार किए गए अभियुक्तगण आसनसोल उत्तर दक्षिण और कुल्टी थाना क्षेत्रों के निवासी हैं। बताया जा रहा है कि इस समूची आपराधिक साजिश की रूपरेखा झारखंड राज्य में तैयार की गई थी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) ध्रुव दास ने इस घटना से सम्बंधित समस्त जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस मामले का पंजीकरण अपहृत युवक की माँ, उषा देवी की लिखित शिकायत पर किया गया था। घटना में रहस्य गहराया हुआ था, जिसे उधेड़ने हेतु पुलिस दलों ने व्यापक खोजबीन प्रारंभ की।

पुलिस द्वारा नकुल मंडल से निरंतर पूछताछ की गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अपहरणकर्ताओं ने उसे कई घंटों तक इधर-उधर घुमाया। नकुल से यह भी जानकारी ली गई कि उसे कहाँ रखा गया, छोड़ते समय उसके चारों ओर का क्या दृश्य था, तथा क्या उसने अपहरणकर्ताओं के चेहरों को देखा। पुलिस ने उसकी स्मृतियों का विश्लेषण करते हुए अपहरणकर्ताओं की भाषा और अन्य संदर्भित पहलुओं पर गहन दृष्टिपात किया, जिसके परिणामस्वरूप घटना की परतें उघड़ती चली गईं। नकुल ने पुलिस को सूचित किया कि लाल रंग की एक कार में उसे जबरन बैठाया गया तथा उसके सिर को वस्त्र से ढक दिया गया था।
इस गंभीर कांड के विषय में पुलिस की पूछताछ में यह भी उद्घाटित हुआ कि अपहरणकर्ता नकुल के परिजनों से लगातार सम्पर्क बनाए हुए थे और 25 लाख रुपये की फिरौती की माँग को लेकर कई बार फोन कॉल किए गए। फिरौती की रकम बाद में घटाकर 10 लाख रुपये कर दी गई। नकुल की माँ ने विनम्रतापूर्वक अपहरणकर्ताओं से गुहार लगाई कि वे इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थ हैं। अपहरणकर्ताओं के उग्र रवैये के बावजूद पुलिस की गहन जाँच और तत्परता से उन्हें यह आभास हो गया कि पुलिस उनके षड्यंत्र की तह तक पहुँच चुकी है, जिसके कारण उन्होंने नकुल को छोड़ देना ही उचित समझा।
आखिरकार, सोमवार की प्रातः चार बजे पुलिस ने नकुल मंडल को सकुशल मुक्त करा लिया। घटना के पश्चात पुलिस दल ने झारखंड राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया और इस संदिग्ध षड्यंत्र की जड़ तक पहुँचने का प्रयास जारी रखा। ज्ञात हो कि नकुल मंडल, झारखंड राज्य के देवघर जिले के चित्रा थाना अंतर्गत आसनबनी गाँव के निवासी रमेश मंडल का पुत्र है। वह रविवार की सुबह अपने चचेरे मामा और एक मित्र के साथ आसनसोल स्थित डॉ. सुब्रत भट्टाचार्य से चिकित्सा परामर्श हेतु आया हुआ था। लगभग 11 बजे शारदापल्ली इलाके में चार लोगों ने उसे जबरन कार में बिठाकर अपहरण कर लिया।
अपहरण की यह घटना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई इस मामले में कानून व्यवस्था के प्रति एक सकारात्मक संदेश प्रस्तुत करती है।















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