
बराकर : बराकर बाजार के आलू एवं प्याज गद्दियों में कार्यरत मोटिया मजदूरों के लोडिंग, अनलोडिंग तथा अन्य कार्यों के मेहनताने में वृद्धि को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक बराकर चेंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें सीटू के मजदूर नेता महेश वर्मा एवं चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष शिवकुमार अग्रवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में आलू एवं प्याज के थोक विक्रेताओं, जैसे सुरेंद्र गुप्ता, बिंदेश्वरी भगत, और राजेश कुशवाहा ने भी भाग लिया। सभी ने मिलकर इस बात पर सहमति जताई कि मजदूरों के लोडिंग, अनलोडिंग, तथा आलू-प्याज की छंटाई से संबंधित सभी कार्यों के लिए मजदूरी दर में 18% की वृद्धि की जाएगी। यह नया नियम दीपावली के अगले दिन से प्रभावी होगा और आगामी तीन वर्षों तक यानी 2024 से लेकर 2027 की दीपावली तक मान्य रहेगा।

महेश वर्मा ने इस संदर्भ में कहा कि वर्तमान में मजदूरों को उनकी मेहनत के अनुरूप उचित मजदूरी प्राप्त नहीं हो पा रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कई गद्दियों में मजदूरों का शोषण हो रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। वर्मा ने इन समस्याओं की शिकायत बराकर चेंबर ऑफ कॉमर्स के समक्ष प्रस्तुत की, जिसके बाद चेंबर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस बैठक ने बराकर बाजार में मजदूरों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया है। चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष शिवकुमार अग्रवाल ने मजदूरों की समस्याओं का समाधान निकालने के लिए एक समर्पित समिति गठित करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी मजदूरों को उनकी मेहनत का सही मुआवजा मिले।

बराकर बाजार में यह वृद्धि निश्चित रूप से मजदूरों के जीवनस्तर को सुधारने में सहायक सिद्ध होगी और साथ ही उनके हक के प्रति सजगता भी उत्पन्न करेगी। इस निर्णय से स्थानीय श्रमिकों में खुशी की लहर दौड़ गई है, और उन्होंने इसे अपने लिए एक महत्वपूर्ण जीत के रूप में देखा है।















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