
आसनसोल : जामुड़िया के विधायक प्रतिनिधि एवं युवा तृणमूल कांग्रेस नेता प्रेमपाल सिंह द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में 3 नवंबर को बहुला में भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह के कार्यक्रम के रद्द होने की घोषणा की गई। इस अवसर पर प्रेमपाल सिंह ने कहा कि विशेष परिस्थितियों के चलते इस आयोजन को निरस्त करना पड़ा है। किंतु, इसके पश्चात राजनीतिक हलकों में बयानबाज़ी की लहर उठ खड़ी हुई है।

आसनसोल दक्षिण की भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने अपने वक्तव्य में इस घटनाक्रम को बंगाल के लिए दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए, तृणमूल कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने पवन सिंह के कार्यक्रम को रोकने के निर्णय को “अविवेकपूर्ण और संकुचित मानसिकता” का परिचायक बताते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति हेतु सांस्कृतिक हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने कहा कि पवन सिंह, जो कि एक प्रतिष्ठित और लोकप्रिय गायक हैं, को बंगाल की धरती पर कार्यक्रम करने से रोकना न केवल सांस्कृतिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है, बल्कि यह तृणमूल कांग्रेस की संकीर्ण राजनीतिक नीति का परिचायक भी है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बांग्ला पोखो, जो कि इस आयोजन के विरोध में था, वस्तुतः तृणमूल कांग्रेस की “बी टीम” की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विगत लोकसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जब पवन सिंह को भारतीय जनता पार्टी ने आसनसोल से उम्मीदवार बनाया था, तब तृणमूल कांग्रेस और उसके नेताओं ने उनका विरोध किया था। भाजपा विधायक ने तृणमूल नेता और पूर्व सांसद बाबुल सुप्रियो पर भी व्यंग्य करते हुए कहा कि उन्होंने पवन सिंह के खिलाफ खुलकर बयान दिए थे, किंतु अब वह मौन क्यों हैं।
अग्निमित्रा पाल ने जामुड़िया के विधायक हरेराम सिंह को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें बांग्ला पोखो के कार्यकलाप आपत्तिजनक लगते हैं, तो वह पुलिस में विधिवत एफआईआर दर्ज कराएं।















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