
बर्नपुर : सेल इस्पात संयंत्र (आईएसपी) प्रबंधन ने कर्मचारियों के हड़ताल समर्थन को लेकर सख्त रुख अपनाया है और हड़ताल समर्थक गतिविधियों में संलिप्त कर्मचारियों को चेतावनी पत्र जारी करने का क्रम आरंभ कर दिया है। विदित हो कि इस्पात उद्योग के पांचों केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत हड़ताल, जो कि बकाया एरियर के भुगतान एवं बोनस की मांग पर केंद्रित है, को लेकर कर्मचारियों के भीतर असंतोष व्याप्त है और वे इसके समर्थन में प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, आईएसपी प्रबंधन अब तक 50 से अधिक कर्मचारियों को चिन्हित करते हुए उन्हें चेतावनी पत्र जारी कर चुका है। इन पत्रों में स्पष्टतः प्रबंधन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और संयंत्र परिसर में कार्यस्थल अनुशासन के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। इस संदर्भ में जारी किए गए पत्रों की प्रतिलिपियाँ सोशल मीडिया पर भी तेजी से प्रसारित हो रही हैं, जिससे इस मसले ने और भी व्यापक रूप धारण कर लिया है।

उदाहरणार्थ, एक ऐसे ही पत्र में श्रीकांत प्रसाद साह नामक कर्मचारी को संबोधित करते हुए प्रबंधन ने यह दर्शाया है कि 26 अक्टूबर 2024 को प्रातः लगभग 10:30 से 11:00 बजे के मध्य उन्होंने संयंत्र परिसर में एक मोटरसाइकिल रैली में भाग लिया था, जिसमें अनुचित व्यवहार किया गया तथा अन्य कर्मचारियों को कार्यबंदी के लिए प्रेरित किया गया। उक्त पत्र में प्रबंधन ने श्रीकांत प्रसाद साह के कृत्य को संयंत्र के प्रमाणित स्थायी आदेश के खंड 25 के उपखंड (viii), (xvi) और (xxiv) का उल्लंघन मानते हुए इसे कदाचार की श्रेणी में रखा है।
खंड 25 के उपखंड (viii) के अंतर्गत “कार्यस्थल से अनधिकृत अनुपस्थिति” को उल्लंघन के रूप में परिभाषित किया गया है, जबकि उपखंड (xvi) में “कार्य स्थल पर लागू कानून एवं नियमों के प्रतिकूल कार्य करते हुए अन्य कर्मचारियों को हड़ताल में सम्मिलित होने हेतु उकसाना” शामिल है। इसके अतिरिक्त, उपखंड (xxiv) में “प्रबंधन की स्वीकृति के बिना कार्य परिसर में किसी प्रकार की सभा या बैठक आयोजित करना” भी कदाचार की श्रेणी में आता है।
प्रबंधन द्वारा जारी पत्रों में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की अनुशासनहीन गतिविधियों में किसी कर्मचारी की भागीदारी पाई जाती है, तो इसके परिणामस्वरूप कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रबंधन ने कर्मचारियों को संयंत्र के दिशा-निर्देशों और कार्य स्थलों के नियमों का पालन करने की अपील की है।
उल्लेखनीय है कि इस घटनाक्रम से संयंत्र के अंदर एवं बाहर व्यापक रूप से चर्चा का माहौल बना हुआ है, जहाँ एक ओर श्रमिक संगठन इसे कर्मचारियों के अधिकारों का हनन बता रहे हैं, वहीं प्रबंधन इसे संयंत्र अनुशासन एवं संचालन व्यवस्था के प्रति आवश्यक कदम मान रहा है।















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