
पुरुलिया : काशीपुर में काली पूजा की रात स्थानीय तृणमूल नेताओं के खिलाफ पुलिस पर हमले की घटनाओं को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। राज्य के विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना को लेकर ट्विटर पर टिप्पणी की है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
बीजेपी नेताओं ने घटना के बाद काशीपुर थाने के समक्ष प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में काशीपुर के बीजेपी विधायक कमलकांत हांसदा और पुरुलिया के बीजेपी विधायक सुदीप मुखर्जी सहित कई अन्य पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों को तुरंत सजा देने की मांग की।

कमलकांत हांसदा ने कहा, “हम आज काशीपुर थाने के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि काशीपुर थानेदार के साथ मारपीट की गई है। यह हमला तृणमूल कांग्रेस के उपद्रवियों के एक समूह द्वारा किया गया है। हम उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं।”
वहीं, पुरुलिया विधायक सुदीप मुखर्जी ने काशीपुर में गुंडाराज की स्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा, “यह राज अधिक समय तक नहीं चल सकता। काशीपुर की जनता ने इन उपद्रवियों को नकार दिया है। इन्हें कोई शर्म नहीं है, और काशीपुर थाने की पुलिस ने भी शर्मनाक चुप्पी साध रखी है।” उन्होंने पुलिस के कायरता के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें सच बोलना नहीं आता।
इसके विपरीत, तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक स्वपन कुमार बेलथरिया ने इस घटना से साफ इंकार किया और इसे राजनीतिक खेल करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी राजनीतिक लाभ उठाने के लिए इस मुद्दे को तूल दे रही है।

काशीपुर थाने की पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है और आरोपियों के खिलाफ जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस घटना ने क्षेत्र में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे आने वाले समय में और भी संघर्ष की संभावना बनी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएँ राज्य के राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकती हैं और आगामी चुनावों पर भी इसका असर पड़ सकता है। राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है।















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