
जामुड़िया : जामुड़िया के बिजपुर मोड़ पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मृत्यु हो जाने से आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने शुक्रवार सुबह सड़क जाम कर दिया। इस घटना के बाद लोगों ने न केवल सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए बल्कि तत्परता से सुधार हेतु सख्त मांगें भी प्रस्तुत की। उनका आरोप है कि जामुड़िया से रानीसाएर मोड़ तक की सड़क, जो मात्र तीन महीने पहले ही बनी थी, अब इतनी जर्जर हो चुकी है कि आए दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि संबंधित सड़क पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं के लिए निर्माण में बरती गई लापरवाही ज़िम्मेदार है। इस सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी द्वारा अत्यंत खराब गुणवत्ता से किया गया है, जिससे यह संदेह उत्पन्न होता है कि इसमें ठेकेदारों द्वारा मानकों का उल्लंघन कर भ्रष्टाचार किया गया है। लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में बालू की जगह राख का उपयोग हुआ है, जिससे सड़क ने कुछ ही समय में टूट-फूट शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण की गुणवत्ता में सुधार और सड़क पर बंपर बनाने की आवश्यकता है ताकि वाहनों की गति नियंत्रित हो सके और दुर्घटनाओं में कमी आए।

आक्रोशित निवासियों का कहना है कि वे पहले भी इस समस्या की शिकायत स्थानीय विधायक, मेयर और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क जाम का यह आंदोलन राजनीतिक रंग से रहित है और इसमें केवल स्थानीय निवासी ही सम्मिलित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीडब्ल्यूडी ने सड़क को बिना उचित निकासी व्यवस्था किए हुए ढाई फीट ऊंचा बना दिया है, जिससे सड़क के दोनों किनारों पर जल निकासी की समस्या उत्पन्न हो गई है। बरसात के समय इस ऊंचाई के कारण सड़कों का पानी आसपास के घरों और दुकानों में घुस जाता है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है।
लोगों ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि सड़क की गुणवत्ता को प्राथमिकता से सुधारा जाए, सड़क के दोनों ओर जल निकासी के लिए ड्रेन का निर्माण किया जाए और रात 10:00 बजे के बाद ही भारी वाहनों के आवागमन की अनुमति हो। स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि जब तक प्रशासन उनकी इन जायज़ मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक वे अपने आंदोलन को जारी रखेंगे।















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