दुर्गापुर : दुर्गापुर के एक निजी औद्योगिक संयंत्र से लगभग 54 लाख रुपए की सामग्री लेकर उड़ीसा के भुवनेश्वर के लिए निकले एक ट्रक चालक ने बीच रास्ते में ही अनैतिक कार्य कर डाला। दरअसल, उक्त चालक ने रास्ते में ट्रक पर लदी लाखों रुपए की सामग्री को अवैध रूप से बेच दिया। इस घटना के खुलासे के बाद दुर्गापुर के कोकओवेन थाने की पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए चालक सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लाखों रुपए की चोरी की सामग्री भी बरामद की है। पकड़े गए चालक की पहचान मोहम्मद फिरोज के रूप में हुई है। उसके साथ खड़गपुर निवासी रिसीवर शेख यासीन और उसके साथी सोमनाथ झा को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
घटना का पर्दाफाश करते हुए आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी (ईस्ट) अभिषेक गुप्ता ने गुरुवार शाम कोकओवेन थाने में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले का विवरण प्रस्तुत किया। डीसी गुप्ता ने बताया कि गत 9 अक्टूबर को दुर्गापुर स्थित जीई पावर प्लांट से एक ट्रक को ओडिशा के भुवनेश्वर भेजा गया था। इस ट्रक में संयंत्र की बहुमूल्य सामग्री लदी हुई थी। ट्रक चालक को गंतव्य पर पहुंचना था, किंतु भुवनेश्वर पहुंचने से पहले ही ट्रक, उसके चालक और सामग्री का कोई अता-पता नहीं रहा। ट्रक मालिक और संयंत्र के प्रबंधकों ने चालक से बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया, परंतु चालक ने कोई उत्तर नहीं दिया।
अंततः जब चालक और सामग्री का कोई पता नहीं चला तो 18 अक्टूबर को इस संदर्भ में कोकओवेन थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और एक विशेष जांच टीम को मामले की छानबीन हेतु ओडिशा के भुवनेश्वर भेजा गया। पुलिस दल ने वहां पहुंचकर सूक्ष्मता से जांच की और चालक का पता लगाया। पुलिस ने ट्रक को भी जब्त कर लिया।
चालक मोहम्मद फिरोज से गहन पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसने ट्रक पर लदी सामग्री को खड़गपुर निवासी शेख यासीन के पास बेचा था। इस अनैतिक कार्य में उसे सोमनाथ झा ने सहायता प्रदान की थी। पुलिस ने तत्परता से कदम उठाते हुए खड़गपुर जाकर शेख यासीन और सोमनाथ झा को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि इन दोनों आरोपियों ने चोरी की सामग्री को खरीदने और बेचने में अहम भूमिका निभाई।
डीसी अभिषेक गुप्ता ने जानकारी दी कि अब तक लगभग 51 लाख रुपए मूल्य की सामग्री बरामद की जा चुकी है और तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। मामले में यह जांच भी की जा रही है कि क्या इस गिरोह में अन्य व्यक्ति भी सम्मिलित हैं, जिन्होंने चोरी की योजना में योगदान दिया हो।















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