

दुर्गापुर : पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर स्थित सन्जीव सरणी में आयोजित “स्वप्न उड़ान” द्वारा संचालित जगद्धात्रि पूजा के उद्घाटन समारोह के दौरान राज्य के विपक्षी दल के नेता, श्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं पर तीखा हमला बोला। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल के कद्दावर नेताओं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कोलकाता के महापौर एवं मंत्री श्री फिरहाद हकीम, तथा विधायक श्री मदन मित्रा को अपने निशाने पर लिया।

उद्घाटन के दौरान, शुभेंदु अधिकारी ने सैंकड़ों भक्तों के बीच पूजा की शुरुआत करने के बाद, माइक पर पत्रकारों से बात करते हुए अपने कड़े बयान दिए। उन्होंने विशेष रूप से ममता सरकार के खिलाफ और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। शुभेंदु ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार में पिछले कुछ वर्षों में जो बयान और कार्य किए गए हैं, वह न केवल राज्य की संस्कृति और समाज को नुकसान पहुँचाने वाले हैं, बल्कि भारतीय सनातन धर्म और संस्कृतियों का भी अपमान करते हैं।

विशेष रूप से, उन्होंने कोलकाता के महापौर और राज्य मंत्री श्री फिरहाद हकीम पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी, जिसमें उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा की उम्मीदवार श्रीमती रेखा पात्रा पर अपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था, राज्य की जनता को आहत करने वाली थी। शुभेंदु ने इसे बंगाल की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि मंत्री फिरहाद हकीम की बयानबाजी बंगाल की संस्कृति को तोड़ने की साजिश है, जो कतई स्वीकार्य नहीं है।
वहीं, श्री मदन मित्रा को भी शुभेंदु ने अपने निशाने पर लिया। उन्होंने मदन मित्रा को ‘मदिरा प्रेमी’ और ‘मातलाल’ बताते हुए उन्हें खा-पीकर चुनावी बयानबाजी करने वाला नेता करार दिया। शुभेंदु ने कहा, “यह वही नेता हैं जिन्होंने 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान कहा था कि अगर ममता बनर्जी नहीं जीततीं, तो वे अपने हाथ काट देंगे, लेकिन अब क्या हुआ? क्या उन्होंने अपने वादे को निभाया?”
इस पर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में शुभेंदु ने आगे कहा कि हाल ही में, तृणमूल नेता, सांसद श्री जगदीश बसुनिया द्वारा प्रचार के दौरान किए गए एक विवादास्पद बयान पर भी उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। शुभेंदु ने कहा कि इस बयान से साफ जाहिर है कि तृणमूल नेता आपत्तिजनक बयान देने के लिए उकसाते हैं, लेकिन उन्हें समझना चाहिए कि इस तरह की बयानबाजी से समाज में असहमति और हिंसा फैलती है।
इसके साथ ही, उन्होंने बंगाल आवास योजना और राज्य के विकास कार्यों को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार ने गरीबों के नाम पर धन जुटाया और उसमें उच्च वर्ग के लोगों के नाम शामिल पाए गए, तो बीडीओ कार्यालयों में ताले लगे दिखाई देंगे। उन्होंने ममता सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार का विरोध करते हुए जनता से ममता बनर्जी सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील की।
राज्य के विभिन्न मुद्दों पर बोलते हुए, शुभेंदु ने कहा कि बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएँ बढ़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि 2021 के बाद से 57 भाजपा कार्यकर्ता मारे गए और करीब 400 कार्यकर्ता जेल में हैं। इसके अलावा, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तृणमूल नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे और भी भाजपा कार्यकर्ता जेल भेजे जाएंगे।
समाप्ति पर, शुभेंदु अधिकारी ने अपनी बात का समापन करते हुए राज्य की जनता से माँ जगद्धात्रि से प्रार्थना की कि वह राज्य को ममता बनर्जी से मुक्त करने का आशीर्वाद दें, ताकि बंगाल को सही दिशा में ले जाया जा सके। उन्होंने माँ जगद्धात्रि से यह भी निवेदन किया कि राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार और तानाशाही को खत्म कर बंगाल को एक नई राह दिखलाएं।
यह संबोधन न केवल तृणमूल नेताओं के खिलाफ था, बल्कि राज्य के राजनीतिक वातावरण में एक नया मोड़ लाने की कोशिश भी थी, जिसमें शुभेंदु ने राज्य की सरकार के खिलाफ जनता में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया।















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