
आसनसोल : पश्चिम बर्धमान जिले में प्रशासनिक कड़ी निगरानी के बीच एक विवादास्पद प्रकरण ने राजनीति एवं सामाजिक हलकों में खलबली मचा दी है। जिला कांकसा थाने के विदबिहार ग्राम पंचायत अंतर्गत जमदोहा क्षेत्र के संपन्न रेशन डीलर मृणाल कांति घोष का नाम ‘बंगला आवास योजना’ के लाभार्थियों की सूची में पाया गया है, जिससे इस योजना की प्रामाणिकता एवं वास्तविक पात्रता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है। जमीनी स्तर पर सुविधाओं से वंचित वास्तविक पात्र लाभार्थियों की अनदेखी और संपन्न व्यक्तियों का सूची में समावेश, जिले में व्यापक असंतोष का विषय बन चुका है।

योजना की इस गंभीर चूक के प्रति विपक्ष ने भी आवाज उठाई है। इस संदर्भ में जब मृणाल कांति घोष से उनके नाम के समावेश पर संवाद के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने प्रतिक्रिया देने से स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया, जिससे इस मामले पर और अधिक संदेह उभर आया है।
कांकसा पंचायत समिति के अध्यक्ष भवानीप्रसाद भट्टाचार्य ने मामले की गंभीरता को स्वीकारते हुए स्पष्ट किया कि यह सूची 2018 के सर्वेक्षण के आधार पर तैयार की गई थी। उन्होंने कहा कि विदबिहार पंचायत के करीब 774 लोगों के नाम उस समय की सूची में दर्ज हुए थे। हालांकि, तकनीकी दिक्कतों के चलते उस समय पंचायत के सर्वर से यह सूची हटा दी गई थी। अब हाल ही में जब यह सूची नए सर्वर में स्थानांतरित की गई, तो कई ऐसे नाम पुनः सामने आए जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं।

समिति अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे नामों का सूची में रहना अनुचित है, और इस त्रुटिपूर्ण सूची की पुनः विस्तृत जाँच की जा रही है। इसके अलावा, राज्य के पंचायत मंत्री प्रदीप मजूमदार ने भी मामले पर ध्यानाकर्षण करते हुए कहा कि पुरानी सूची की बारीकी से समीक्षा की जा रही है ताकि वास्तविक रूप से जरूरतमंद लोगों का ही इसमें समावेश हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि वर्तमान में बंगला आवास योजना के तहत केवल उन्हीं परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराया जाएगा, जिन्हें वास्तविक रूप से इसकी आवश्यकता है।
इस मामले ने योजनाओं के पारदर्शिता के विषय में प्रशासनिक कार्यप्रणाली की पुनर्समीक्षा की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।















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