
दुर्गापुर : दुर्गापुर से एक अत्यंत गंभीर मामला प्रकाश में आया है, जहाँ ‘जियो’ नामक मोबाइल टावर स्थापित करने का छलावा देकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया। इस मामले में दुर्गापुर के फरीदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बारागदीरी निवासी युवक प्रणब आनंद मंडल को महाराष्ट्र पुलिस ने हिरासत में लिया है। आरोपी को दुर्गापुर के सब-डिविजनल न्यायालय में ट्रांजिट रिमांड हेतु पेश किया गया, जिसमें न्यायाधीश द्वारा तीन दिनों की रिमांड को स्वीकृति दी गई है।

महाराष्ट्र पुलिस सूत्रों के अनुसार, राज्य के शावनी थाना क्षेत्र में कुछ समय से विभिन्न क्षेत्रों में मोबाइल टावर स्थापित करने का प्रलोभन देकर नागरिकों को ठगने की कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन आरोपों के तहत महाराष्ट्र के विभिन्न स्थानों पर सैकड़ों लोगों से ठगी कर कुल सोलह करोड़ रुपये की राशि हथिया ली गई है। ठग गिरोह ने फर्जीवाड़े की इस योजना में ‘जियो टावर’ स्थापित करने के बहाने अत्यधिक लाभ का झांसा देकर भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाया। ठगी का सिलसिला केवल शावनी थाना तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यह जाल महाराष्ट्र के कई थानों तक फैला हुआ पाया गया है।

मामले की गहराई से जांच आरंभ करते हुए, महाराष्ट्र पुलिस ने दुर्गापुर के फरीदपुर थाना क्षेत्र में बारागदीरी निवासी प्रणब आनंद मंडल की संलिप्तता पाई। इसी सिलसिले में शनिवार को महाराष्ट्र पुलिस ने दुर्गापुर फरीदपुर थाने के अधिकारियों के सहयोग से बरागरिया क्षेत्र में सटीक सूचना पर छापेमारी की। उक्त स्थान पर स्थित प्रणब आनंद मंडल के आवास से ही उसे धर दबोचा गया। गिरफ्तारी के पश्चात, आरोपी को दुर्गापुर के सब-डिविजनल न्यायालय में प्रस्तुत कर ट्रांजिट रिमांड हेतु आवेदन किया गया। न्यायालय द्वारा तीन दिनों की ट्रांजिट रिमांड स्वीकृत होने के पश्चात महाराष्ट्र पुलिस ने आरोपी को अपने साथ महाराष्ट्र ले जाने की तैयारी की।
महाराष्ट्र पुलिस के विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि इस षड्यंत्रकारी गिरोह का संचालन केवल प्रणब आनंद मंडल तक सीमित नहीं है; इसमें कई अन्य युवकों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि कोलकाता सहित विभिन्न स्थानों पर भी इस गिरोह ने अपनी जड़ें फैला रखी हैं। महाराष्ट्र पुलिस अब विस्तृत जांच कर रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इस ठग गिरोह में और कौन-कौन से सदस्य सक्रिय हैं तथा किस प्रकार इस जालसाजी के कुचक्र को अंजाम दिया गया। प्रणब आनंद मंडल से पूछताछ के उपरांत गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के परिप्रेक्ष्य में एक विशेष साजिश दृष्टिगोचर होती है, जहाँ तकनीकी और संचार साधनों का दुरुपयोग कर लोगों को भ्रमित किया गया। आरोपियों ने संचार क्षेत्र में विस्तार और निवेश के बहाने जनता को आर्थिक लाभ का प्रलोभन दिया और अंततः उन्हें आर्थिक रूप से ठग लिया। विशेष रूप से महाराष्ट्र के शावनी थाना क्षेत्र में व्यापक स्तर पर हुए इस वित्तीय फर्जीवाड़े से प्रशासन में खलबली मच गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है और आरोपी को जल्द से जल्द न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है।
यह घटना समाज में बढ़ते साइबर और वित्तीय अपराधों की ओर इशारा करती है, जहाँ आधुनिक साधनों का उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। आमजन से अनुरोध है कि ऐसे किसी भी निवेश प्रस्ताव पर भली-भाँति विचार कर लें और केवल सत्यापित स्रोतों से ही संचार साधनों में निवेश करें। मामले की गहन जांच के उपरांत ही इस षड्यंत्रकारी जालसाजी के अन्य रहस्यों से पर्दा उठ सकेगा।















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