पूर्व बर्दवान : राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों को टैबलेट खरीदने के लिए प्रदान की जाने वाली राशि गायब होने के मामले ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। टैब राशि गबन की जांच के क्रम में पूर्व बर्दवान जिला पुलिस ने एक संदिग्ध अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जिसने यह गड़बड़ी अंजाम दी। पुलिस के अनुसार, यह युवक हाशेम अली (29), जो कि मालदा के वैष्णवनगर का निवासी है, तकनीकी रूप से दक्ष है और उसने हाई स्कूल के बाद कंप्यूटर में डिप्लोमा प्राप्त किया है। आरोप है कि हाशेम ने राज्य के शिक्षा पोर्टल से छात्रों के बैंक खातों की सूचनाओं की नकल तैयार कर, इन खातों से अवैध रूप से राशि निकाली है।
जांच के क्रम में पुलिस ने हाशेम अली की संलिप्तता को उजागर करते हुए उसे मालदा से हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, इस अभियुक्त ने अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर बैंकों से जुड़े संवेदनशील डेटा तक पहुंच बनाई और विभिन्न छात्रों के खातों से राशि निकालने का आपराधिक कार्य किया। इस गिरोह में और कितने लोग संलिप्त हैं, इसका पता लगाने के लिए जिला पुलिस और अन्य एजेंसियां सक्रिय हैं। जिला पुलिस अधीक्षक सायक दास ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए कहा कि पूर्व बर्दवान जिले के करीब 85 विद्यालयों के छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके खातों में टैब खरीदने की सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि जमा नहीं हुई है।
प्राप्त शिकायतों के आधार पर पुलिस ने 70 से अधिक बैंक खातों की पहचान कर ली है, जिनमें अनियमितता पाई गई है। इनमें से पुलिस अब तक 25 बैंक खातों में अवैध लेन-देन रोकने में सफल रही है, जबकि शेष खातों में संदेहास्पद लेन-देन का विश्लेषण अभी जारी है। पुलिस का कहना है कि गबन के इस प्रकरण में शिक्षा विभाग से समन्वय बनाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, गबन की इस घटना में तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल बड़े ही चतुराई से किया गया, जिससे यह अपराध लंबे समय तक छिपा रहा।
इस धोखाधड़ी के संबंध में पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। पुलिस का मानना है कि फोन में अपराध से संबंधित कई अहम सबूत मिल सकते हैं, जिनसे गबन के इस जाल का खुलासा होने में मदद मिलेगी। पुलिस का कहना है कि हाशेम अली से गहन पूछताछ के लिए उसे मंगलवार को बर्दवान जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजने की अनुमति मांगी गई है। पुलिस का लक्ष्य है कि पूछताछ के दौरान और अधिक सुराग प्राप्त कर इस जालसाजी के अन्य दोषियों तक पहुंचा जा सके।
यह भी संभावना जताई जा रही है कि टैब राशि गबन की इस घटना में और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जो शिक्षा पोर्टल और बैंक खातों की जानकारी को अवैध रूप से प्राप्त करने एवं उसका दुरुपयोग करने में माहिर हैं। पुलिस उम्मीद कर रही है कि इस जांच के माध्यम से पूरे गबन के षड्यंत्र का पर्दाफाश जल्द ही हो सकेगा और उन अन्य दोषियों का भी पता चल सकेगा, जिन्होंने छात्रों के अधिकारों पर डाका डाला है।
पुलिस के इस खुलासे से छात्रों और अभिभावकों के बीच राहत की उम्मीद जगी है, परंतु यह मामला राज्य की शिक्षा प्रणाली और बैंकिंग सुरक्षा पर सवाल भी खड़ा कर रहा है। कई अभिभावकों ने इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है और उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह बैंक और शिक्षा पोर्टल की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए कठोर कदम उठाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी कई तथ्य सामने आ सकते हैं। पुलिस एवं अन्य संबंधित एजेंसियां इस विषय में उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर भी विचार कर रही हैं, जिससे छात्रों के खातों एवं उनकी गोपनीय जानकारी को सुरक्षित रखा जा सके।















Users Today : 32
Users Yesterday : 34