
दुर्गापुर : महकमा अस्पताल में इलाजरत 40 वर्षीय मरीज शेर ओम बहादुर के रहस्यमय ढंग से लापता होने की घटना ने अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। घटना 19 नवंबर को हुई, जब ओम बहादुर को अस्पताल से छुट्टी मिलने वाली थी। ओम बहादुर, नेपाल के निवासी हैं, और हाल ही में रघुनाथपुर स्थित अपनी बहन माया श्रेष्ठ के घर आए थे।
बीमार होने पर उन्हें 18 नवंबर को दुर्गापुर महकमा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके साथ दामाद राम श्रेष्ठ भी मौजूद थे। घटना के समय राम श्रेष्ठ किसी काम से अस्पताल परिसर से बाहर गए हुए थे। लौटने पर उन्होंने पाया कि ओम बहादुर अस्पताल के बेड से गायब थे। अस्पताल में खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला।
दामाद द्वारा पूछताछ पर अस्पताल के डॉक्टर और नर्स भी मरीज के लापता होने को लेकर अचंभित दिखे। मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्गापुर के न्यू टाउनशिप थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ओम बहादुर की बहन माया श्रेष्ठ ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल का सीसीटीवी कैमरा खराब होने का दावा किया जा रहा है, जिससे घटना और संदिग्ध लग रही है। उन्होंने प्रशासन से अपने भाई को जल्द से जल्द सकुशल ढूंढने की मांग की।
अस्पताल के सुपर डॉ. धीमान मंडल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मरीज को छुट्टी मिलने से पहले ही वह अचानक लापता हो गया। पुलिस को सूचित कर दिया गया है, और जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज से मामले की सच्चाई उजागर करने की बात कही गई, लेकिन कैमरे की खराबी ने जांच को और जटिल बना दिया है।
इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी तंत्र की खामियों को उजागर किया है। मरीज की सकुशल वापसी के लिए प्रशासन और पुलिस पर दबाव बढ़ता जा रहा है।















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