
रानीगंज : नारायणकुड़ी ओसीपी कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट से आस-पास का इलाका दहल उठा। विस्फोट से उड़े पत्थरों के कारण एक घर की छत ढह गई, और घर में मौजूद वृद्ध महिला ने किसी तरह अपनी जान बचाई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बाईपास रोड को अवरुद्ध कर प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जो अभी भी जारी है।
खदान पुनः चालू होने के बाद बढ़ा खतरा
जानकारी के अनुसार, नारायणकुड़ी ओसीपी खदान, कुनुस्तोरिया क्षेत्र के अंतर्गत आती है। कुछ समय पूर्व खदान में कोयला इकट्ठा करने के दौरान हुए हादसे में कई लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद खदान को बंद कर दिया गया था। हाल ही में प्रशासन और स्थानीय नेताओं के साथ बैठक के बाद खदान में कोयला उत्खनन कार्य फिर से शुरू किया गया। खदान प्रबंधन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि कोयला उत्खनन के दौरान हल्के विस्फोट ही किए जाएंगे।

ग्रामीणों का आरोप और उग्र प्रदर्शन
बीते दिन करीब साढ़े चार बजे अचानक हुए जबरदस्त विस्फोट ने गांव को झकझोर दिया। शिंगपाड़ा क्षेत्र में उड़े पत्थरों ने कई घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। एक पत्थर नारियल के पेड़ को चीरता हुआ एक घर की छत पर जा गिरा, जिससे घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घर में मौजूद वृद्ध महिला ने तेज आवाज सुनते ही स्वयं को बचा लिया।

पुनर्वास की मांग
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीण खदान प्रबंधन के खिलाफ सड़क पर उतर आए। उनका कहना है कि पुनर्वास किए बिना खदान का संचालन स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मांग की कि सभी प्रभावित परिवारों को पुनर्वासित किया जाए और खदान संचालन के लिए उचित सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए।
वाहनों में तोड़फोड़, पुलिस तैनात
घटनास्थल पर उग्र भीड़ ने खदान में इस्तेमाल हो रहे कुछ वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि, पुलिस और खदान सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल है, और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।















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