
आसनसोल : आसनसोल साउथ और नॉर्थ थाना पुलिस ने महाराष्ट्र निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए श्रीस्टिनगर स्थित संगति अपार्टमेंट में छापेमारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान बिहार के बांका निवासी हरेंद्र सिंह और आसनसोल दुर्गा मंदिर क्षेत्र के ऑटो चालक अवधेश यादव के रूप में हुई है।
महाराष्ट्र निवासी शिकायतकर्ता लखन घोषाल ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे और पांच अन्य लोगों से लगभग 60 लाख रुपये की ठगी की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संगति अपार्टमेंट में छापेमारी कर आरोपियों को धर दबोचा।

पुलिस को आरोपियों के पास से 10 लाख 74 हजार रुपये नकद, 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने और चांदी के आभूषण, रेलवे के जॉइनिंग लेटर, एडमिट कार्ड, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट, रेलवे परीक्षा के प्रश्नपत्र समेत कई फर्जी दस्तावेज मिले।
गिरफ्तार आरोपियों को आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 12 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी सेंट्रल ध्रुव दास ने दक्षिण थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में इस पूरे प्रकरण का खुलासा किया।
प्रेस वार्ता में डीसी ध्रुव दास के साथ दक्षिण थाना प्रभारी कौशिक कुंडू, कन्यापुर पुलिस फांड़ी के प्रभारी पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती और साउथ पुलिस फांड़ी प्रभारी सीतल नाग उपस्थित थे। डीसी ध्रुव दास ने बताया कि जांच जारी है और जल्द ही इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपियों का नेटवर्क पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और आसनसोल तक फैला हुआ था। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों के पास कोलकाता और आसनसोल में दो फ्लैट थे, जहां से वे यह ठगी का रैकेट संचालित करते थे। पुलिस अन्य राज्यों और जिलों में फैले उनके कनेक्शन की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के ठगी के इस संगठित प्रयास से जुड़े कई और खुलासे संभावित हैं। मामले की गहन छानबीन जारी है।















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