
आसनसोल : हीरापुर थाना क्षेत्र में सरकारी और निजी संपत्तियों पर अवैध कब्जे को लेकर भारी तनाव उत्पन्न हो गया है। जमीन माफियाओं द्वारा मारपीट और हथियारों से धमकाने के आरोपों से इलाके में हंगामा मच गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि वे अपनी भूमि पर कब्जे की कोशिशों का विरोध कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें शारीरिक प्रताड़ना और धमकियों का सामना करना पड़ा। मंगलवार को इसी मामले को लेकर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसके बाद आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और राज्य मंत्री मलय घटक घटनास्थल पर पहुंचे और इस गंभीर मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि हीरापुर थाना क्षेत्र के हिलव्यू इलाके में भूमि माफिया अपने कब्जे के प्रयासों को बलपूर्वक लागू कर रहे हैं। खासकर हथियारों के दम पर लोगों को धमकाया जा रहा है और उनकी जमीनों पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। किसी भी विरोध पर शारीरिक हिंसा और धमकियों का सामना करना पड़ता है। मंगलवार को क्षेत्र में एक और इसी तरह की घटना घटी, जब 40-50 लोगों का एक समूह हथियार और लाठियों के साथ एक घर पर हमला करते हुए जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करता हुआ देखा गया। सीसीटीवी फुटेज में यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था कि ये लोग किस प्रकार हिंसा और धमकियों के सहारे जमीन कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे।

इस घटना के बाद, हिलव्यू के निवासियों ने विरोधस्वरूप थाना में शिकायत दर्ज कराई। इसी दौरान राज्य मंत्री मलय घटक घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की और पूरी घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की। मंत्री मलय घटक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से कहा कि जो लोग हथियारों से उत्पात मचा रहे हैं, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहे इन लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। मंत्री ने पुलिस को आदेश दिया कि जल्द से जल्द इन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को न्याय मिले। इसके साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी को एक पत्र भेजकर मामले की जांच की मांग की और कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की पूरी जांच की जाए।
मंत्री मलय घटक ने यह भी कहा कि जिन स्थानों पर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए प्रशासन ने जमीन चिन्हित की थी, वहां के कब्जे की स्थिति की भी गहन जांच की जानी चाहिए। उन्होंने यह सवाल उठाया कि आखिरकार यह भूमि माफियाओं के नाम पर कैसे दर्ज हो गई। उन्होंने भू-राजस्व विभाग के अधिकारियों से भी इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की अपील की।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक को अपनी जमीन पर मालिकाना हक से वंचित नहीं किया जा सकता है और जो लोग ऐसे कृत्य कर रहे हैं, उनके खिलाफ कानून को पूरी ताकत से लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमों को और सक्रिय किया जाएगा, ताकि किसी भी अवैध कब्जे की कोशिश को विफल किया जा सके।
इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं, और विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रशासन इस समस्या पर उचित ध्यान नहीं दे रहा और भूमि माफियाओं का मनोबल बढ़ता जा रहा है। हालांकि, मंत्री मलय घटक ने इस पर जोर देकर कहा कि किसी भी गलत काम को न तो बर्दाश्त किया जाएगा और न ही इसे छुपाया जाएगा।
अंत में, यह स्पष्ट है कि भूमि माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और स्थानीय प्रशासन की ओर से सक्रिय कदम उठाए जाने की आवश्यकता है ताकि नागरिकों को न्याय मिल सके और उनके अधिकारों का संरक्षण किया जा सके।















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