
आसनसोल : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के कल्ला सेंट्रल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सुनील सिंह को आसनसोल सीबीआई विशेष न्यायालय ने रिश्वतखोरी के मामले में दोषी ठहराते हुए चार साल के कठोर कारावास और 30,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया। जुर्माने की राशि न चुकाने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला 2009 का है, जब डॉ. सुनील सिंह पर मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। सीबीआई के अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता दूधनाथ यादव कल्ला सेंट्रल अस्पताल में मेडिकल सर्टिफिकेट लेने पहुंचे थे। डॉक्टर ने उनसे 500 रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी सीबीआई को दी।

सीबीआई ने योजना बनाकर दूधनाथ यादव को 400 रुपये के रिश्वत के साथ डॉक्टर से मिलने भेजा। डॉ. सुनील सिंह को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच पूरी होने के बाद, 2009 में चिकित्सक पर मुकदमा शुरू किया गया। 15 वर्षों तक चले इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से मजबूत साक्ष्य पेश किए गए।
सीबीआई विशेष न्यायाधीश राजेश चक्रवर्ती ने चिकित्सक को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से वकील राकेश कुमार ने पैरवी की। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि सार्वजनिक सेवा में रहकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना गंभीर अपराध है, और ऐसे मामलों में सख्त सजा अनिवार्य है।

डॉ. सुनील सिंह को सजा सुनाए जाने के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। आम जनता ने न्यायालय के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के फैसले सरकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सहायक होंगे। वहीं, कुछ लोग इतने लंबे समय तक मामले के लंबित रहने पर सवाल भी उठा रहे हैं।
यह मामला भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई को मजबूत साबित करता है और यह संदेश देता है कि किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।















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