
अंडाल : कोयला खनन क्षेत्र के कार्यक्षेत्र में एक बार फिर सामाजिक संकट गहराया है। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) द्वारा जारी परित्यक्त आवासों को खाली करने के आदेश ने काजोरा क्षेत्र के मधुजोर कॉलियरी में पिछले 30-35 वर्षों से रह रहे 80 परिवारों के सामने विस्थापन का संकट खड़ा कर दिया है। इन परिवारों ने पुनर्वास की मांग करते हुए आंदोलन छेड़ दिया है।
ईसीएल प्रबंधन ने मधुजोर कॉलियरी को एक निजी कंपनी के माध्यम से पुनः संचालित करने का निर्णय लिया है। इस उद्देश्य के तहत परित्यक्त आवासों को तोड़ने का आदेश दिया गया है। इन आवासों में दशकों से रह रहे परिवारों को अचानक इस आदेश के बाद गहरी चिंता में डाल दिया है।

प्रभावित परिवारों ने इस आदेश के खिलाफ पुनर्वास की मांग को लेकर संघर्ष तेज कर दिया है। दक्षिणखंड ग्राम पंचायत के प्रधान को पहले ही ज्ञापन सौंपने के बाद, गुरुवार को इन परिवारों ने ईसीएल के काजोरा क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद सभी प्रभावितों ने एक संयुक्त ज्ञापन क्षेत्रीय महाप्रबंधक को सौंपा।
आवासीय प्रभावितों में संजय मंडल, बुलु राय और शंपा रूईदास ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि इन आवासों में दशकों से उनके परिवार रह रहे हैं। अपने स्वयं के घर के अभाव में इन परित्यक्त आवासों ने उनका सहारा बना हुआ था। अब इन्हें खाली करने का आदेश दिया गया है, जिससे उनके सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने कहा कि आवास खाली करने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते पहले सभी प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि पुनर्वास की उचित योजना लागू होने पर वे इन आवासों को छोड़ने के लिए तैयार हैं।
इस मामले में क्षेत्रीय महाप्रबंधक ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, एक अन्य अधिकारी ने कहा कि प्रभावितों के ज्ञापन को उच्च प्रबंधन के पास भेजा जाएगा। अंतिम निर्णय उच्चाधिकारियों द्वारा लिया जाएगा।
यह स्थिति न केवल प्रशासनिक चुनौती है, बल्कि प्रभावित परिवारों के लिए आजीविका और आवास का संकट बनकर सामने आई है। अब यह देखना होगा कि ईसीएल प्रबंधन इन परिवारों के लिए पुनर्वास की क्या व्यवस्था करता है।















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