

आसनसोल : महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक पवित्र कर्तव्य है। सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवेश सृजित करने के उद्देश्य से रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा ‘ऑपरेशन महिला सुरक्षा’ का सुदृढ़ क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को भयमुक्त और गरिमापूर्ण यात्रा का अधिकार प्रदान करना है।
महिलाओं को यात्रा के दौरान अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, और ऐसे में आरक्षित कोच उनके लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल का कार्य करते हैं। किंतु, इन कोचों का अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण न केवल इनकी सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करता है, बल्कि उनकी शांति भंग करता है। इस समस्या के समाधान हेतु ‘ऑपरेशन महिला सुरक्षा’ एक सशक्त प्रयास है, जिसके अंतर्गत इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें दंडित किया जा रहा है।

दिनांक 15 दिसंबर से 20 दिसंबर 2024 के मध्य हावड़ा, सियालदह, मालदा और आसनसोल मंडलों में आयोजित विशेष अभियान के अंतर्गत महिला कोचों में अनधिकृत रूप से उपस्थित 304 व्यक्तियों को रेलवे अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर दंडित किया गया। कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:
15 दिसंबर 2024: 18 व्यक्तियों पर कार्रवाई,
16 दिसंबर 2024: 51 व्यक्तियों पर कार्रवाई,
17 दिसंबर 2024: 80 व्यक्तियों पर कार्रवाई,
18 दिसंबर 2024: 75 व्यक्तियों पर कार्रवाई,
19 दिसंबर 2024: 51 व्यक्तियों पर कार्रवाई,
20 दिसंबर 2024: 29 व्यक्तियों पर कार्रवाई,
21 दिसंबर 2024: 74 व्यक्तियों पर कार्रवाई.
यह अभियान महिलाओं की सुरक्षा को लेकर शून्य सहिष्णुता के दृष्टिकोण को रेखांकित करता है। आरपीएफ की महिला अधिकारियों सहित विशेष टीमों ने औचक निरीक्षण कर सतर्कता सुनिश्चित की और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति त्वरित कार्रवाई की। निगरानी प्रणाली और रणनीतिक तैनाती से अभियान की प्रभावशीलता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

‘ऑपरेशन महिला सुरक्षा’ केवल प्रवर्तन का कार्य नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए सुरक्षित स्थानों की पुनः स्थापना का प्रयास है। यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम है कि महिलाएं आत्मविश्वास के साथ यात्रा करें और उनके संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। यात्रियों से आग्रह है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना आरपीएफ हेल्पलाइन 139 या रेलवे अधिकारियों को दें।
यह अभियान हर महिला के लिए एक प्रतिबद्धता है कि उसकी सुरक्षा सर्वोपरि है। यह इस बात का आश्वासन है कि यात्रा के दौरान उसका सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, जिससे वह निडर और गरिमापूर्ण रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच सके।















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