
रानीगंज : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) द्वारा भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर लंबे समय से अनसुनी कर रहे प्रबंधन के खिलाफ ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया।रानीगंज के कूनुस्तोड़िया क्षेत्र के बांसरा सी-पिट कोलियरी में ग्रामीणों ने जोरदार आंदोलन छेड़ दिया। आंदोलनकारियों ने खदान के प्रवेश द्वार पर धरना देकर कोलियरी के सभी कामकाज को ठप कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि ईसीएल प्रबंधन ने उनकी जमीन अधिग्रहण किए बिना ही खदान का पानी उन इलाकों में छोड़ा, जिससे लगभग 250 बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई। इससे पचास से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। बार-बार मांग और विरोध प्रदर्शन के बावजूद प्रबंधन ने अब तक समस्या का समाधान नहीं किया। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, खदान का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।

प्रदर्शनकारी सुबह 8 बजे से खदान के गेट पर डटे हुए हैं, जिससे कोलियरी में काम करने वाले श्रमिक भी खदान में प्रवेश नहीं कर सके। मजदूर खदान के बाहर ही इंतजार कर रहे हैं। वहीं, खदान के स्थानीय प्रबंधन की ओर से अब तक कोई अधिकारी प्रदर्शनकारियों से वार्ता के लिए नहीं पहुंचे हैं।

इस बीच, खदान परिसर में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ईसीएल सुरक्षा बलों और केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है। कोलियरी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाता और उन्हें मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक खदान संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। ईसीएल प्रबंधन के सामने इस समय एक बड़ी चुनौती है कि वह ग्रामीणों की इस समस्या का शीघ्र समाधान करे और खदान का संचालन बहाल करे।















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