
दुर्गापुर : जहां एक ओर पुरुलिया के जंगलों में जीनत नामक बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग और पुलिस प्रशासन के दल दिन-रात मशक्कत कर रहे हैं, वहीं दुर्गापुर के बुदबुद थाना क्षेत्र से एक जंगली सियार के हिंसक प्रकोप की खबर ने सनसनी मचा दी है। शुक्रवार को इस सियार ने देवशाला और कांकसा के जंगलों के समीपवर्ती गांवों में एक के बाद एक कई ग्रामीणों पर जानलेवा हमला किया, जिससे क्षेत्र में भय और दहशत व्याप्त हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह जंगली सियार अत्यंत आक्रामक हो चुका था। देवशाला और गोबिंदपुर गांव में इसके हमले से लगभग एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गोबिंदपुर गांव के आईसीडीएस केंद्र के समीप इस सियार को देखा गया, जिसके बाद विद्यालय कर्मचारियों ने त्वरित सावधानी बरतते हुए दरवाजे बंद कर लिए। लेकिन सियार ने गांव के अन्य लोगों पर हमला जारी रखा।

गोबिंदपुर के साहसी ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से लैस होकर हिंसक सियार का सामना किया और अंततः उसे मार गिराया। घटना की जानकारी मिलते ही पानागढ़ वन विभाग के रेंजर प्रणव कुमार दास मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृत सियार को बर्धमान वन विभाग को भेज दिया गया है और इस घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने कांकसा और बुदबुद के जंगलों को घेर लिया है और पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि यह जंगली सियार अत्यधिक आक्रामक हो चुका था, किंतु इसके हिंसक व्यवहार का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
इस अप्रत्याशित घटना के बाद देवशाला और कांकसा क्षेत्रों के ग्रामीणों में भय व्याप्त है। उन्होंने रात में गांव की रखवाली करने और लाठी-डंडों के सहारे स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की है।















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