
आसनसोल : कल्चरल एंड लिटरेरी फोरम ऑफ बंगाल की आसनसोल शाखा ने आगामी 4 फरवरी से 7 फरवरी 2025 तक चार दिवसीय आसनसोल सांस्कृतिक उत्सव के आयोजन की घोषणा की है। इसे लेकर संस्था के प्रमुख सदस्य जितेंद्र तिवारी ने अपने गोधूलि स्थित आवासीय कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
उन्होंने बताया कि आसनसोल में लंबे समय से फिल्म फेस्टिवल का आयोजन बंद हो चुका था, जिसे पुनर्जीवित करने की योजना बनाई गई है। इस सांस्कृतिक उत्सव के अंतर्गत न केवल चुनिंदा फीचर फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी, बल्कि डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट फिल्मों को भी मंच मिलेगा। तिवारी ने कहा कि इस फेस्टिवल का उद्देश्य स्थानीय फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को प्रोत्साहित करना है, ताकि उनकी प्रतिभा को निखरने और राष्ट्रीय पहचान मिलने का अवसर प्राप्त हो।

शॉर्ट फिल्मों को मिलेगा प्रोत्साह
जितेंद्र तिवारी ने बताया कि आसनसोल और इसके आसपास के क्षेत्रों में कई प्रतिभाशाली शॉर्ट फिल्म निर्माता हैं। उनकी उत्कृष्ट रचनाओं को इस फेस्टिवल में शामिल किया जाएगा। इससे स्थानीय कलाकारों को एक सशक्त मंच मिलेगा, जहां वे अपने विचार और रचनात्मकता को व्यापक दर्शकों तक पहुंचा सकें। इसके अलावा, कविता पाठ और चित्रकला प्रदर्शन जैसे आयोजन भी इस उत्सव का हिस्सा होंगे, जिससे क्षेत्रीय प्रतिभाओं को कला और साहित्य के क्षेत्र में पहचान मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
फिल्म फेस्टिवल का पुनर्गठन
तिवारी ने कहा कि फिल्म फेस्टिवल पहले आसनसोल का अभिन्न हिस्सा हुआ करता था। देशभर में आयोजित होने वाले फिल्म फेस्टिवल्स की तरह, यह आयोजन आसनसोल के सांस्कृतिक परिदृश्य को समृद्ध करेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश और राज्य के प्रतिष्ठित कलाकारों और साहित्यकारों को इस फेस्टिवल में आमंत्रित किया जाएगा।

स्थान चयन पर विचार
सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन स्थल अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन तिवारी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता रवींद्र भवन है। भवन प्रबंधन के साथ इस विषय पर चर्चा जारी है, और उन्हें विश्वास है कि इस प्रतिष्ठित स्थल पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मिल जाएगी। यदि ऐसा संभव नहीं हो पाया, तो भी चार दिवसीय यह सांस्कृतिक उत्सव किसी अन्य उपयुक्त स्थल पर आयोजित किया जाएगा।
कलाकारों और राजनीतिक भिन्नताओं पर दृष्टिकोण
तिवारी ने जोर देकर कहा कि इस आयोजन में किसी के राजनीतिक विचारों को महत्व नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आसनसोल के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और गायक बाबुल सुप्रियो जैसे व्यक्तित्व, जो राजनीति से इतर अपनी कलात्मक पहचान रखते हैं, इस आयोजन में आमंत्रित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े कई कलाकारों को भी आमंत्रण भेजा जाएगा, क्योंकि यह फेस्टिवल कला और संस्कृति का उत्सव है, न कि राजनीतिक मंच।
स्थानीय जनमानस की सहभागिता
इस फेस्टिवल के माध्यम से जितेंद्र तिवारी ने उम्मीद जताई कि आसनसोल के नागरिक कला और संस्कृति के इस अनूठे आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। उन्होंने इसे सांस्कृतिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
चार दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन से आसनसोल के सांस्कृतिक परिदृश्य को नया आयाम मिलने की संभावना है।















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