

बाराबनी : भुइया समाज उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष सिंटू कुमार भुइया के नेतृत्व में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया। सभा का मुख्य उद्देश्य सरकारी जमीनों पर रह रहे अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य वंचित वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनके पुनर्वास के लिए मुआवजा दिलाना था। मुख्य मांगें: सरकारी जमीनों पर निवासरत लोगों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। भूमिहीन परिवारों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। रेल, सेल, और कोल जैसी सरकारी संस्थाओं में ठेका श्रमिकों को आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ठेका श्रमिकों को वेज बोर्ड समझौते के अनुसार वेतन का प्रावधान किया जाए।

भुइया समाज की सामाजिक पहल:
भुइया समाज उत्थान समिति ने सामाजिक कार्यों में अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए कोरोना काल के दौरान गरीब, विधवा, वृद्ध और दिव्यांग समुदायों के लिए खाद्य सामग्री, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था की। समिति ने इस कठिन समय में अपनी सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस रैली में महिला नेत्री माया भुइया, हैंडीकैप वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष रमेश चौहान, एससी-एसटी नेता प्रभुनाथ पासवान, रविशंकर भुइया, अर्जुन भुइया, बापी बावरी, सुमंतो बाउरी, मन्नू भुइया, राम सागर, महेश बाउरी, केदार भुइया, सुकुमार बाउरी, उमेश चौहान, निर्भय संगठन के सुमंतो बाउरी, परिमल बाउरी, कमल भुइया और बिनोद भुइया समेत कई प्रमुख नेता उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए सिंटू कुमार भुइया ने कहा कि गरीब, पिछड़े, एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों के प्रति जागरूकता और उनके मुद्दों को उठाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से अपील की कि भूमिहीन परिवारों के घरों को तोड़ने से पहले उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए और उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने सरकारी संस्थानों में ठेका श्रमिकों के आरक्षण और वेतन संबंधी समस्याओं का समाधान करने पर भी जोर दिया। भुइया समाज उत्थान समिति ने यह रैली सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत की।















Users Today : 15
Users Yesterday : 31